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पिछले साल के मुकाबले संभल कर हुआ पैलेटगन का इस्तेमाल

पैलेट-गन

नई दिल्ली। कश्मीर में आतंकवादियों और अलगाववादियों पर नकेल कसने के साथ सुरक्षा बलों का बर्ताव आंदोलनकर्मियों के प्रति रक्षात्मक है। इसका इस्तेमाल सुरक्षाबल संभल कर कर रही है। इस साल आंकड़े बताते हैं कि पैलेट गन की वजह से जम्मू-कश्मीर में होने वाली मौत और घायलों की तादाद में कमी आई है।





सुरक्षा एजेंसियों के आंतरिक आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल पैलेट गन के प्रयोग की लगभग 777 घटनाएं हुई थीं। इसमें करीब 15 लोग मारे गए और करीब 396 लोग घायल हुए थे। इसके बाद से नागरिकों पर इस गन के इस्तेमाल पर सवाल उठने लगे थे।

इस साल अबतक पैलेट गन के इस्तेमाल की तकरीबन 143 घटनाएं ही सामने आईं हैं। जिसमें सिर्फ एक नागरिक की मौत और 36 लोग जख्मी हुए हैं। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े जानकारों के अनुसार पिछले साल गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने घाटी दौरे के वक्त पैलेट गन के इस्तेमाल कम से कम करने का भरोसा दिया था। उन्होंने इस संबंध में एक कमेटी भी बनाई थी इसके बाद पैलेट गन की जगह कश्मीर में ‘पावा सेल’ भेजे गए। इस असर काफी सकारात्मक देखने को मिला है।

 

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