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इस मंदिर पर पाकिस्तान ने गिराए 3 हजार बम पर सारे हो गये फुस्स, 7 खास बातें

इतिहास में दर्ज है कुछ ऐसी कहानी





इस मंदिर के बनने के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है। बताया जाता है कि यह मंदिर तकरीबन 1200 वर्ष पहले अस्तित्व में आया था। प्रचलित कथाओं के मुताबिक राजस्थान के जैसलमेर में एक छोटे गांव में एक व्यक्ति रहता था। उसके कोई संतान नहीं थी। तब वह हिंगलाज की पैदल यात्रा के लिए गया और वहां माता से प्रार्थना की कि वह उसके घर दिव्य रूप में जन्म लें। बहुत पूजा-पाठ के बाद उसे एक पुत्री हुई जिसका नाम आवड़ देवी रखा। बड़ी होने पर वह अपने चमत्कारों के कारण काफी प्रसिद्ध हो गई। बाद में स्थान का नाम तनोट होने के कारण वह तनोट राय माता के नाम से प्रसिद्ध हुईं। तनोट के अंतिम राजा भाटी तनुराव थे, जिन्होंने इस मंदिर की प्रतिष्ठा करवाई थी। वर्तमान समय में यह मंदिर भारत-पाकिस्तान की सीमा पर स्थित है।

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