CRPF

NRC का फाइनल ड्राफ्ट: असम में CRPF की 220 कंपनियां तैनात, 14 जिलों में धारा 144

असम में कड़े सुरक्षा बंदोबस्त

गुवाहाटी। असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) का फाइनल ड्राफ्ट जारी हो गया है, जिसके मुताबिक राज्य में बसे 40 लाख लोग वैध नागरिक नहीं है। सूची के मुताबिक राज्य में रहने वाले 2.89 करोड़ लोग वैध नागरिक हैं। नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजनशिप, यानी एनआरसी में उन सभी भारतीय नागरिकों के नाम, पते और फोटोग्राफ हैं, जो 25 मार्च, 1971 से पहले से असम में रह रहे हैं। परिस्थिति को भांपते हुए वहां की सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टालने की कोशिश की जा रही है। पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए समूचे राज्य में सुरक्षा बंदोबस्त कड़े कर दिए गए हैं।





इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रहे सुप्रीम कोर्ट का आदेश था कि 31 दिसंबर तक एनआरसी का पहला मसौदा प्रकाशित किया जाए।

एनआरसी पर 8 खास बातें-

  • असम के बारपेटा, दरांग, दीमा हसाओ, सोनितपुर, करीमगंज, गोलाघाट और धुबरी समेत कुल 14 जिलों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगाई गई है। असम में 33 जिले आते हैं।
  • हर जिले के पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने संबंधित जिलों में संवेदनशील इलाकों की पहचान की है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हालात पर बेहद सावधानी से निगरानी बरती जा रही है।
  • असम और पड़ोसी राज्यों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्र ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 220 कंपनियां भेजी है। इससे पहले 65 कंपनियां तैनात थीं। पर हालात के मद्देनजर इसे बढ़ाकर 220 कंपनियां तैनात कर दी गईं।
  • सीएम सर्बानंद सोनोवाल ने एनआरसी मसौदा जारी होने के मद्देनजर उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है, जिसमें कहा है कि ड्राफ्ट में मसौदे में जिन लोगों के नाम नहीं होंगे, उनके दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया की व्याख्या और हर तरह से मदद की जाए।
  • देश में पहली बार जनगणना के बाद 1951 में लाया गया। इस लिस्ट में आखिरी अपडेशन असम के मामले में किया गया, जिसमें यहां के उन परिवारों को शामिल किया गया जिनके वंशजों के नाम 1951 से पहले था या फिर 25 मार्च, 1971 तक असम की निर्वाचन समिति में शामिल थे।
  • इस दौरान 1 जनवरी, 1966 से 25 मार्च, 1971 के बीच जो लोग यहां आए, उन्हें अब खुद को फॉरेन रजिस्ट्रेशन रीजनल ऑफिसर में रजिस्टर्ड करवा रखा है, उन्हें अपनी नागरिकता साबित करनी होगी।
  • 1 जनवरी, 2018 में जारी एनआरसी लिस्ट में असम में 3.29 करोड़ आवेदकों में 1.9 करोड़ लोगों ने यह बाधा पार कर ली थी।
  • इसी माह की शुरुआत में एनआरसी ने खुलासा करते हुए कहा कि पहली सूची में शामिल 1.5 लाख लोगों को गलत जानकारी दिए जाने के बाद बाहर कर दिया गया जिनमें करीब 50 हजार ग्रामीण महिलाएं शामिल हैं।

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