ITBP

जानिए भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस(ITBP) के बारे में

इसकी स्थापना मुख्य रूप से भारत-तिब्बत सीमा की चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र से रक्षा हेतु की गई थी। ये बल इस सीमा पर काराकोरम दर्रा से लिपुलेख दर्रा और भारत-नेपाल-चीन त्रिसंगम तक लगभग 2115 किमी लंबाई पर फैली भारतीय सीमा की रक्षा करती है। यह गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है।

गठन: 24 अक्टूबर 1962





सक्रिय सैनिक: 89,430

आदर्श वाक्य: शौर्य-दृढ़ता-कर्मनिष्ठा

मुख्यालय: नई दिल्ली

भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (Indo-Tibetan Border Police) भारतीय अर्ध-सैनिक बल है। इसकी स्थापना मुख्य रूप से भारत-तिब्बत सीमा की चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र से रक्षा के लिए की गई थी। ये बल इस सीमा पर काराकोरम दर्रा से लिपुलेख दर्रा और भारत-नेपाल-चीन त्रिसंगम तक लगभग 2115 किमी लंबाई पर फैली भारतीय सीमा की रक्षा करता है। यह गृह मंत्रालय के अधीन है।

आईटीबीपी का मुख्य कार्य

  • भारत-तिब्बत सीमा की सुरक्षा और रखवाली करना
  • सीमा की जनता को सुरक्षा की भावना प्रदान करना
  • महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा कर्तव्यों का निर्वहन और आपदा प्रबंधन आदि करना
  • इस सेना ने 1965 में भारत पाक संघर्ष में हिस्सा लिया
  • 1971 के युद्ध में इसकी दो पलटनों ने श्रीनगर और पुंछ क्षेत्र में घुसपैठियों के ठिकानों के अनेक क्षेत्रों की पहचान/पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के विशेष कार्य को अंजाम दिया।

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