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ITBP की प्रथम पेंशन अदालत, ’62 में भर्ती जवान भी पहुंचे

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चंडीगढ़। भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) द्वारा प्रथम पेंशन अदालत का आयोजन 11 तथा 12 मई को चंडीगढ़ के ट्रांसपोर्ट बटालियन में किया गया। इस दो दिवसीय आयोजन के दौरान लगभग 650 सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन, फैमिली पेंशन और पेंशन निर्धारण शिकायतों के निबटारे के लिए बल के केंद्रीय अभिलेख कार्यालय, वेतन व लेखा कार्यालय और बैंकों के प्रतिनिधियों द्वारा एक ही स्थान पर पेंशन विसंगतियों को दूर करने की कोशिश की गई।





लगभग 50 फीसदी शिकायतों का तुरंत निवारण करने में अदालत को सफलता मिली। इस अदालत के माध्यम से बल के सम्बंधित पेंशनधारकों को बड़ी राहत उपलब्ध करवायी गई। इस दौरान ऐसे भी पेंशनधारक अदालत में आए जो 1962 में बल के स्थापना वर्ष में ही बल में भर्ती हुए थे।

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आईटीबीपी के महानिदेशक कृष्ण चौधरी ने पेंशनर से बातचीत की

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इस अदालत में ऐसे पेंशनधारक आए जो 1962 में बल के स्थापना वर्ष में ही भर्ती हुए थे

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आईटीबीपी के महानिदेशक कृष्ण चौधरी पेंशनर के साथ

 

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पेंशन अदालत में लगभग 50 फीसदी शिकायतों का तुरंत निवारण करने में सफलता मिली

उद्घाटन भाषण में अदालत को संबोधित करते हुए आईटीबीपी के महानिदेशक कृष्ण चौधरी ने सेवानिवृत्त और आश्रित परिवारों का स्वागत किया और कहा कि प्रथम पेंशन अदालत को सभी का भरपूर समर्थन मिला है। इस अदालत में सेवानिवृत्त कर्मियों और परिवारों की शिकायतों को तत्काल दूर करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। चौधरी ने कहा कि भविष्य में भी बल द्वारा देश के अन्य राज्यों में पेंशन अदालतों के आयोजन करने का विचार है।

पेंशन अदालत के दूसरे दिन बल द्वारा सेवानिवृत्त और सेवारत कर्मियों के साथ एक परस्पर संवादात्मक सत्र का भी आयोजन किया गया, जिससे पेंशन निर्धारण और पेंशन की अन्य प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इस सत्र से हासिल सुझावों पर भविष्य में वेतन प्रक्रिया के सुधार करने के लिए विचार किया जाएगा। खबरों के मुताबिक, आईटीबीपी की अगली पेंशन अदालत, देहरादून में आयोजित करेगी।

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