Paramilitary Force

मांगें न मानी गईं तो बीस लाख पैरामिलिट्री परिवार लेंगे NOTA का सहारा

पूर्व अर्ध सैनिक जवान

नई दिल्ली। अगर देश के करीब 20 लाख पैरामिलिट्री परिवारों के आश्रितों की जायज मांगें न मानी गईं तो आगामी लोकसभा चुनाव में वे नोटा का सहारा लेंगे। कंफेडेरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी रणबीर सिंह ने यह बात यहां आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।





प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में मीडिया से बातचीत करते हुए संगठन के महासचिव ने कहा कि वे पिछले पांच वर्षों से अपनी जायज मांगों को लेकर जंतर मंतर, राजघाट, संसद मार्ग तथा देश के तमाम क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री को कई बार ज्ञापन सौंपा। अलावा इसके केंद्रीय गृह मंत्री तथा अन्य मंत्रियों से इस बाबत मुलाकत हुई लेकिन बात वहीं की वहीं है।

पूर्व अर्ध सैनिक जवान

उन्होंने कहा कि CRPF, BSF, CISF, SSB, ITBP और असम राइफल के जवान देश की सरहद और देश के भीतर पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हैं। आजादी के बाद अर्धसैनिक बलों के अब तक कई हजार जवान अपनी शहादत दे चुके हैं लेकिन आज तक उन्हें शहीद का दर्जा नहीं मिला।

उन्होंने इस बात पर जोर देकर कहा कि नई दिल्ली में अलग-अलग राज्यों से आए हुए अर्ध सैनिक बलों के पूर्व सैनिकों की महापंचायत में यह सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया है कि वोट उसी राजनीतिक दल को मिलेगा जो उनकी जायज मांगों को अपने चुनाव घोषणा पत्र में शामिल करेगा। संगठन के पूर्व सैनिक अपने क्षेत्र में गांव-गांव जाकर इस बाबत अर्ध सैनिक बलों के परिवारों को जागरूक करेंगे।

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