Paramilitary Force

तेलंगाना: विशेष सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़, 7 माओवादी मार गिराए गए

सीआरपीएफ -जवान

तेलंगाना। आंध्र प्रदेश के विशेष सुरक्षा बलों और माओवादी समूह के बीच भीषण मुठभेड़ में 07 माओवादी मारे गए। जवानों और माओवादियों के बीच बुधवार देर रात शुरू मुठभेड़ गुरुवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे खत्म हुई। माओवादियों से निपटने के लिए विशेष तौर पर गठित ग्रेहाउंड कमांडो के दस्ते तैयार किए गए थे। सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ भद्रादरी कोठागुडम में हुई। सुरक्षा बलों ने मौके से 2 SLR, 8 MM रायफल और अन्य खतरनाक हथियार भी बरामद किए।





आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से लगते इलाकों में नक्सली अभी भी सक्रिय हैं। खबरों के मुताबिक विशेष सुरक्ष बलों को खुफिया सूत्रों के जरिए इलाके में माओवादियों के होने की खबर मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने जंगल को घेर लिया और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। इसी बीच दोनों तरफ से फायरिंग होनी शुरू हो गई। सुरक्षाबलों को 17 माओवादियों के होने की सूचना मिली थी। गुरुवार सुबह मुठभेड़ खत्म होने के बाद चलाए गए तलाशी अभियान में 7 नक्सलियों के शव बरामद किए गए। 10 माओवादी भागने में कामयाब हो गए।

हत्या, वसूली और धमकाने से जुड़े मामलों में थी इनकी तलाश

ये माओवादी ओल्ड पीपुल्स वार से अलग हुए चंद्रपुला रेड्डी पोरी बाटा गुट के बताए जाते हैं। हत्या, वसूली और धमकाने से जुड़े मामलों में इनकी तलाश थी। मारे गए नक्सलियों में से 05 की पहचान हो चुकी है और दो की पहचान सुनिश्चित नहीं हो पाई है। ये सभी नालगोंडा जिले के रहने वाले बताए गए हैं। कहा जा रहा है कि ये पहले आंध्र-प्रदेश और ओडिशा सीमा पर सक्रिय थे और फिर खम्मम-वारंगल जिले को अपना ठिकाना बना लिया।

पिछले कुछ वर्षों में माओवादी घटनाओं में थोड़ा कमी आई है। पश्चिम बंगाल और झारखंड में सुरक्षा के मद्देनजर स्थिति में सुधार आने के बाद इनकी हरकतों पर अंकुश लगाने में कामयाबी मिली है। जबकि, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा समेत कुछ जिलों में नक्सलियों का काफी वर्चस्व है। नक्सलियों से निपटने के लिए जवानों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। इन्हीं जवानों के साथ ग्रेहाउंड कमांडो का बटालियन तैयार किया गया है।

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