Paramilitary Force

कभी खुद पर थी पाबंदी, अब देश की सीमा की सुरक्षा करेगी गांव की चार बेटियां

 हिसार। मंगाली एक छोटा गांव जहां लड़कियों को दसवीं और बारहवीं कक्षा के बाद घर बैठने को कहा जाता है। वहीं, इस गांव की चार बेटियों पर अब इस गांव को नाज है दरअसल, मंगाली में यह पहली बार हुआ है जब सशस्त्र सीमा बल (SSB) के लिए गांव की चार लड़कियों का एकसाथ चयन हुआ हो, अब गांव की ये बेटियां हाथों में बन्दूक उठाकर देश की सेवा भी करेंगी।





 खुद साबित की काबिलियत  

मंगाली की 4 बेटियों ने खेल प्रतिभा के दम पर खुद की काबिलियत को साबित कर दिखाया है। इन  चारों लड़कियों को स्पोर्ट्स कोटे के तहत सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में चयन किया गया है। अंजु व  सुलोचना व अनीता के साथ SSB में सिलेक्ट होने वाली लक्ष्मी के मुताबिक गांव की सभी लड़कियों के लिए घर में रहकर ही पढ़ाई करने की परंपरा है। जब 12वीं के बाद पिता ने ओपन से आगे की पढ़ाई करने की बात कही और खेल के साथ भी यही विचार था लेकिन कोच सुखविंदर कौर ने घर पर समझाया तो पिता ने खेलने की इजाज़त दे दी।

 

लक्ष्मी के अनुसार, वह पहले फुटबॉल खेलती थीं  लेकिन बाद में तीरंदाजी शुरू कर दी। अब तक वह तीरंदाजी में नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक भी हासिल कर चुकी हैं। यही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी वह प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं।

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