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रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) से जुड़ी ये 8 बातें..

हाल ही में हरियाणा में राम रहीम को लेकर हुई हिंसा से निपटने की बात हो या फिर अन्य किसी प्रकार के दंगों पर काबू करना हो, RAF यानी ‘रैपिड एक्शन फोर्स’ पिछले 25 साल से लगातार तत्परता से अपनी सेवाएं दे रहा है। देश को आंतरिक खतरों से बचा रहा है। आइये जानते हैं देश के इस खास सुरक्षा बल से जुड़ी कुछ खास बातें।





CRPF का ही हिस्सा है RAF

 

‘रैपिड एक्शन फोर्स’ एक विशेष फोर्स है, जिसे 11 दिसंबर 1991 में सीआरपीएफ के 10 बटालियन को परिवर्तित करके बनाया गया था। ये बटालियन अलीगढ़, इलाहाबाद, जमशेदपुर, भोपाल, हैदराबाद, कोयंबटूर, मुंबई, अहमदाबाद, मेरठ और दिल्ली में हैं। इसके अलावा 5 और बटालियन देश के अन्य शहरों में अगले वर्ष तक तैनात होने की उम्मीद है।

देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बनाया बल

 

 

7 अक्तूबर 1992 को RAF पूरी तरह सक्रिय हुआ। मौजूदा समय में आरएएफ में तकरीबन 8,000 एक्टिव पर्सनल हैं। यह बल गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। प्रति वर्ष 7 अक्तूबर को ही RAF अपना स्थापना दिवस मनाता है। इस यूनिट् को दंगों, दंगों जैसी परिस्थितियों, समाज के सभी वर्गों के बीच विश्वास पैदा करने और आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी के लिए गठित किया गया था।

सबसे विश्वनसनीय बल

आरएएफ, सबसे विश्वसनीय फोर्स है जो बिना समय गंवाए, कम से कम समय में संकट की स्थिति में घटनास्थाल पर पहुंच जाती है। सामान्य जनता के बीच पहुंच कर उनमें विश्वास पैदा करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना RAF की जिम्मेदारी है।

बल का है विशेष ध्वज

इस बल के पास एक अलग झंडे का अधिकार प्राप्त है जो शांति का प्रतीक है। इस झंडे को आरएएफ के 11 सालों तक देश की सेवा करने के उपलक्ष्य में उस समय के उप-प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने 7 अक्टूबर 2003 को फोर्स को सौंपा था।

विदेश में भी कर चुकी है काम

इस फोर्स की पोशाक नीले रंग की है, ये फोर्स देश के साथ-साथ कोसोवा और लाइबेरिया जैसे देशों में भी अपनी सेवा दे चुकी है। यह बल प्रत्येक वर्ष विभिन्न-देशों (जैसे-हैती, कोसोवो, लिबरा आदि) में संयुक्तठ राष्ट्र व शांति मिशन के लिए संयुक्त् रूप से पुरूष व महिलाओं को प्रशिक्षित करता है।

के एस भंडारी हैं RAF के  आईजी 

इस विशेष फोर्स में 10 बटालियन हैं जो सीआरपीएफ में बटालियन संख्या् 99 से 108 हैं। इन्हें जरूरत पड़ने पर संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाता है। इनकी अध्ययक्षता महानिरीक्षक अधिकारी के द्वारा की जाती है। वर्तमान में आरएएफ के आईजी (inspector general)के एस भंडारी हैं।

महिलाएं भी बल का सक्रिय हिस्सा

दंगा अथवा भीड़ की स्थिति से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने के लिए महिला कर्मियों को भी बल में शामिल किया गया है, जहां फोर्स महिला प्रदर्शनकारियों से निपटता है।

विशेष हथियारों से भीड़ पर काबू पाता है RAF

दरअसल, ‘रैपिड एक्शन फोर्स’ के पास ऐसे हथियार होते हैं जिनसे आम लोगों को बहुत कम चोटें आती हैं। साथ ही इस फोर्स के पास विशेष हथियार होते हैं जो भीड़ को नियंत्रित करने में काफी अहम होते हैं। लगातार हमारे देश को कानून व्यवस्था से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए ‘रैपिड एक्शन फोर्स’ भी समय के साथ एडवांस हो रहा है और जरूरत पड़ने पर देश की आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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