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शहादत देकर बेजुबान अमिनिका ने ऐसे बचाई सीआरपीएफ जवानों की जान

अमिनिका

सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) की 207 कोबरा वाहिनी की शहीद हुई स्निफ़र डॉग अमिनका के नाम पर सीआरपीएफ स्मारक बनाएगा इतना ही नहीं उसे वीरता पुरस्कार देने की सिफारिश पर भी विचार किया जा रहा है।

आपने अक्सर सुना होगा कि देश के लिए शहीद जवानों का बलिदान देश नहीं चुका पाता। शहीदों को तमाम सम्मान दिए जाते हैं लेकिन कम ही ऐसा सुनने में आता है कि शहीद हुए श्वान यानि स्निफ़र डॉग का सम्मान हुआ हो। दरअसल, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) की 207 कोबरा वाहिनी की शहीद हुई स्निफ़र डॉग अमिनिका के नाम पर सीआरपीएफ स्मारक बनाएगा इतना ही नहीं उसे वीरता पुरस्कार देने की सिफारिश पर भी विचार किया जा रहा है।





अनिमिका

अनिमिका को अंतिम विदाई देते अफसर

स्निफ़र डॉग अमिनिका की बहादुरी

  • अमिनिका CRPF की वो जांबाज सिपाही जिसने अपनी जान देकर अपनी बटालियन के कई जवानों की जान बचाई।
  • इसके बलिदान से इस जैसे कई और शहीदों के स्मारक बनने की परंपरा शुरू हुई है।
  • अमिनिका सीआरपीएफ की सबसे इलीट यानि सबसे ज्यादा प्रशिक्षित टीम 207 कोबरा वाहिनी की सदस्य थी।
  • झारखंड के लातेहार में 17 जनवरी 2017 को दोपहर 3:30 बजे नक्सल विरोधी अभियान में सीआरपीएफ की टीम के साथ अमिनिका भी निकली हुई थी।
  • अमिनिका टीम के आगे-आगे थी। अचानक वह रुकी और एक पत्थर आया। अमिनिका ने जैसे ही उस पत्थर को पैर से छुआ जोरदार धमाका हुआ और मौके पर ही वह शहीद हो गई।
  • इस घटना में अमिनका के ट्रेनर पी. के. सामल बुरी तरह घायल हो गए।
  • अगर अमिनिका ने उस बम को न छुआ होता तो सीआरपीएफ के 5 जवान शहीद होते।
  • सीआरपीएफ आईजी ऑपरेशन सदानंनद दाते के मुताबिक बहुत बड़ा नुकसान फोर्स को होने से अमिनिका ने बचाया हमें उसपर गर्व है।
अनिमिका

अनिमिका के अंतिम दर्शन

पहला मौका नहीं जब अमिनिका ने बचाई सीआरपीएफ जवानों की जान

  • महज डेढ़ साल की सीआरपीएफ की अपनी सर्विस में अमिनिका ने अनेक बार अपनी बुद्धिमानी का परिचय देकर कई लोगों की जान बचाई थी।
  • 21 सितंबर 2015 को पश्चिम बंगाल में अमिनिका ने 8 किलो का टिफिन बम बरामद किया था।
  • 6 मई 2016 को पश्चिम बंगाल में ही अमिनिका ने केन बम बरामद किया।
  • 9 मई 2016 को अमिनिका ने बंगाल में विस्फोटक माइन का पता लगाया था जिसमें 15 किलो विस्फोटक रखा था।
  • 5 अगस्त को झारखंड में अमिनिका ने झारखंड में 4 आईईडी बरामद किया था।
  • 17 जनवरी 2017 को अमिनिका अपनी शहादत से पहले 5 सीआरपीएफ के जवानों की जान बचाई।

इसलिए अमिनिका बनी कोबरा पोस्ट का हिस्सा

2 साल 7 महीने की अमिनिका बेल्जियन शेफर्ड मेलिनियोसिस नस्ल की स्निफर डॉग थी। सीआरपीएफ में शामिल किए जाने से पहले उसे 40 महीने का कठिन प्रशिक्षण दिया गया। विस्फोटकों को सटीक जगह पर सही वक्त पर पहचानना अमिनिका की खासियत थी और इसी के चलते उसे सीआरपीएफ की सबसे खास यूनिट कोबरा बटालियन में शामिल किया गया था।

अमिनिका को शहीद सिपाही का दर्जा

अनिमिका

अनिमिका को दफ़न करने की तैयारी

अमिनिका की शहादत के बाद सीआरपीएफ ने उसे शहीद सिपाही का दर्जा देकर उसका अंतिम संस्कार किया। इतना ही नहीं अमिनिका के अलावा अन्य श्वान यानि स्निफर डाग जो शहीद हुए हैं उनके लिए स्मारक भी ये फोर्स जल्द बनाएगी। साथ ही अमिनिका को सीआरपीएफ फोर्स का वीरता पुरस्कार भी दिया गया है।

देश में 693 स्निफर डॉग

स्निफर डॉग यानि खोजी कुत्ते की संख्या इस समय देश में 693 है लेकिन इन सबमें से सबसे जांबाज और दमखम वाले स्निफर डाग होते हैं बेल्जियन शेफर्ड मेलीनोइस सीआरपीएफ के बेड़े में ऐसे 284 स्निफर डॉग शामिल हैं। ये हर वक्त किसी भी दुर्गम क्षेत्र में दुश्मनों से लोहा लेने को तैयार होते हैं।

स्निफर डॉग का ओसामा को मारने में भी अहम रोल

लादेन (फ़ाइल फोटो)

बेल्जियन शेफर्ड मेलीनोइस स्निफर डाग पहली बार चर्चा में तब आए जब 2012 में अमेरिका ने पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन को मारने में इनका इस्तेमाल किया। अपनी खास काबिलियत की वजह से ही उन्होंने सटीक पता लगाया था।

स्निफर डॉग्स ने 100 से ज्यादा वारदातें टाली

बेल्जियन शेफर्ड मेलीनोइस स्निफर डॉग के देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स में योगदान पर महज तीन साल में ही ऐसे 68 स्निफर डॉग्स ने विस्फोटकों की पहचान कर लगभग 100 खौफनाक वारदात टाली हैं।

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