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सुकमा में ऐसे रची गई CRPF जवानों पर हमले की साजिश

सुकमा जिले में माओवादियों की करतूत

जगदलपुर। सुकमा जिले में माओवादियों ने केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को ट्रैप किया है। यहां जवानों के लिए पहले से ही एंबुश लगा रखा था। जवानों को ट्रैप  करने के लिए नक्सलियों ने कई दिनों पहले ही पूरी प्लानिंग कर ली थी, लेकिन वह सही समय और मौके के इंतजार में थे।





सुकमा जिले में माओवादियों की करतूत

सुकमा जिले में माओवादियों ने केन्द्रीय सुरक्षा बल के जवानों को ट्रैप किया था

खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक इस घटना को माओवादियों की मिलिट्री बटालियन की कंपनी नंबर एक ने अंजाम दिया है और इस पूरे हमले का नेतृत्व माओवादी नेता सीटू ने किया है। इस इलाके की पूरी कमान वैसे तो हिड़मा के हाथों में है और हिड़मा ही इलाके में लीड करता है लेकिन इसके अलावा अर्जुन और सीटू उर्फ सोनू भी यहां सक्रिय हैं।

बताया जा रहा है कि इन तीनों नेताओं की मौजूदगी में 8 मार्च को पालचलमा गांव के पास बड़ी संख्या में नक्सली जमा हुए थे। इसके बाद यहां एक कार्यक्रम के बाद हमले के लिए टाइम और डेट फिक्स की गई। पहले से ही तय योजना के चलते हमले की अनुमति मिलते ही तीन दिनों बाद शनिवार को वारदात का अंजाम दे दिया गया। इस हमले की योजना तीन महीने पहले से ही बना ली गई थी।

जवानों पर हमले के दौरान माओवादियों ने देशी मोर्टार का उपयोग किया। हमले के बाद सर्चिंग के दौरान बड़ी मात्रा में बारूद लगे धनुष और देशी मोर्टार मौके से बरामद किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि सुकमा के इंजारम और भेज्जी के बीच कोत्ताचेरु में माओवादी एम्बुश में फंसे सीआरपीएफ के 12 जवान शनिवार को शहीद हो गए।

कोत्ताचेरू के निकट जिस स्थान पर जवान माओवादियों के एंबुश में फंसे थे उसके आसपास सुरक्षा बलों के कई कैंप हैं। बताया जा रहा है कि यहां हर पांच किमी में एक कैंप है। ऐसे में माओवादियों ने भेज्जी और कोत्तोचेरू के दो कैंपों के बीच में जवानों को फंसाने के लिए एंबुश लगाया।

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