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खुफिया तंत्र नाकाम : CRPF जवान की आप बीती-‘हम खाना खाने रुके थे और तभी…’

शेर मोहम्मद

रायपुर: ‘हमें इंटेलिजेंस से माओवादियों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली थी जबकि ग्रामीणों के माध्यम से हमारी सारी जानकारियां माओवादियों तक पहुंच रही थीं। हम खाना खाने के लिए रुके तभी वहां पहले से घात लगाकर बैठे माओवादियों ने हम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। ग्रामीणों ने इस एनकाउंटर में नक्सलियों का साथ दिया। इस हमले में कई महिला नक्सली भी शामिल थीं। वे जवानों के हथियार पिट्टू, वायरलेस भी लूटकर ले गए।’ सुकमा के बुर्कापाल में हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और माओवादियों के बीच मुठभेड़ की पूरी कहानी घायल सीआरपीएफ के जवान शेर मोहम्मद ने कुछ इस तरह बताई।





रायपुर अस्पताल में भर्ती सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के घायल जवान ने बताया कि वे रोड ओपनिंग के लिए निकले थे। दोपहर को जब वे खाना खाने के लिए रुके तभी नक्सलियों ने घात लगाकर तोबड़तोड़ फायरिंग कर दी। माओवादियों की संख्या तीन सौ के करीब थी उन्होंने हमें घेर लिया था, हमने भी मुंहतोड़ जवाब देते हुए 10 से 12 नक्सलियों को मार गिराया।

ग्रामीणों के पास भी थे आधुनिक हथियार

शेर मोहम्मद ने बताया कि ग्रामीणों ने माओवादियों को हमारे मूवमेंट की जानकारी दी। नक्सलियों के साथ ही ग्रामीणों के पास भी हथियार थे। वे सिविल ड्रस में थे और वह भी एके-47 जैसे आधुनिक हथियारों से लैस थे। उन्होंने रोड को दोनों तरफ से घेर लिया और जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी।

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