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‘सुकमा हमला क्रूर अमानवीय कृत्य, क्रूरता का जवाब क्रूरता से’

सुकमा हमला

पटना। अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा कम्पनी (SIS) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा ने सुकमा माओवादी हमले में शहीद हुए बिहार के छह सीआरपीएफ जवानों के परिजनों को गुरुवार को आर्थिक सहायता दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह नक्सली हमला एक क्रूर अमानवीय कृत्य है, जिसका जवाब क्रूरता से ही दिया जा सकता है।





एसआईएस कंपनी की ओर से सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए सिन्हा ने सुकमा में शहीद बिहार के छह जवानों के परिजनों को दो-दो लाख राशि का चेक प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सुकमा हमले जैसे अमानवीय कृत्य के लिए मानवाधिकार की कोई गुंजाइश नहीं है।

शहीद जवानों के बच्चों को गांव के समीप केन्द्रीय विद्यालय में कोटे से दिलाएंगे दाखिला

सुकमा हमला

सुकमा हमले में शहीद हुए बिहार के जवानों के परिजनों को आर्थिक मदद दी गई

सुकमा में बिहार के शहीद जवानों के बच्चों को पढ़ने के लिए उनके गांव के समीप केन्द्रीय विद्यालय में अपने कोटे से नामांकन कराने की घोषणा करते हुए सिन्हा ने कहा कि प्रत्येक शहीद के परिवार को वे अपनी सांसद निधि से 15-15 लाख रुपये देंगे। उन्होंने कहा कि इस राशि से शहीदों के नाम पर सड़क या सामुदायिक भवन बनवाए जा सकते हैं। इस अवसर पर भारत गैस की ओर से शहीदों के परिजनों को गैस का चूल्हा और सिलेंडर दिया गया।

माओवादियों को दिग्भ्रमित और गलत शिक्षा पाए लोगों का हुजूम बताते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि विदेशों से धन प्राप्त कर और अपहरण तथा उगाही के जरिये धन इकट्ठा कर नक्सली, समाज विरोधी आपराधिक कार्य कर रहे हैं जिनका विचारधारा से कोई लेना देना नहीं है।

माओवादियों को जानवर से भी बदतर बताया

उनकी अमानवीय क्रूरता की चर्चा करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि माओवादी छोटे-छोटे बच्चों का अपहरण कर उन्हें इसी उम्र से क्रूरता और निर्ममता की शिक्षा दे रहे हैं। माओवादियों को जानवर से भी बदतर बताते हुए उन्होंने कहा कि अपनी जन अदालतों में बच्चों के जरिये माओवादी सजा भी दिला रहे हैं।

केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और एसआईएस के कार्यों का उल्लेख करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि डेढ़ लाख कर्मियों वाली एसआईएस कंपनी एक नियंत्रित वातावरण में काम करती है जबकि 242 बटालियन की सीआरपीएफ को विधि, सुरक्षा और उग्रवाद जैसी समस्या से भी निपटना पड़ता है।

सीआरपीएफ के डीआईजी एएस मल्ल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तैनात जवानों को अत्यंत सजग रहते हुए कठिन स्थितियों में काम करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के लिए देश सर्वोपरि है और इसके जवान राष्ट्रहित में अपना सर्वस्व तक न्योछावर कर देते हैं। सीआरपीएफ के बहुआयामी दायित्वों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि फ़ोर्स जम्मू कश्मीर, माओवाद प्रभावित क्षेत्रों और उत्तर पूर्वी राज्यों में भी अपने दायित्वों का जिम्मेदारी पूर्वक निर्वहन करती आई है।

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