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सीआरपीएफ कमांडेंट चेतन चीता की अब फिजियोथिरेपी शुरू

नई दिल्‍ली: सीआरपीएफ की 45वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर चेतन चीता की हालत अब निरंतर बेहतर हो रही है। उनके जोड़ों में सुधार के लिए फिजियोथिरेपी शुरू कर दी गई है। एम्स द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, सीरम अल्‍बुमिन का स्‍तर सामान्‍य होने के बाद उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों की योजना है कि अब आरटी ह्यूमेरस (हाथ की हड्डियों) का प्रत्‍यारोपण व बांह वाले जख्‍म पर काम किया जाएगा।





आपको बता दें कि 16 मार्च को आईसीयू व वेंटिलेटर से हटाकर चीता को सामान्‍य वार्ड में लाया गया। सीआरपीएफ ने अपने ट्वीटर हैंडल पर कहा, ’अंतत: हमारी प्रार्थना भगवान ने सुन ली, चेतन चीता की स्‍थिति में सुधार हो रहा है, आईसीयू और वेंटिलेटर से इन्‍हें हटाकर सामान्‍य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। 7 मार्च को चेतन चीता की स्‍थिति काफी गंभीर थी। उन्हें गुरुवार को आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। वह लगभग 25 दिनों तक आईसीयू में रहे और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली (वेंटीलेटर) पर भी रखा गया।

एम्स की दवाओं और देशवासियोंं की दुआओं ने बचा लिया सीआरपीएफ का चीता

14 फरवरी 2017 को चेतन चीता आतंकवादियों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गये थे। उत्तर-कश्मीर के बांदीपोर जिले के हाजिन सेक्टर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में 9 गोली लगने के बाद भी चेतन चीता ने हार नहीं मानी और आतंकियों से लड़ते रहे। इस ऑपरेशन में सेना के तीन जवान शहीद हो गए थे, जबकि चेतन चीता समेत चार जवान घायल हुए थे। उन्हें एयर एंबुलेंस से श्रीनगर से दिल्ली में एम्स के ट्रॉमा सेंटर लाया गया था।

पूरी तरह छलनी होने और आंख में गोली लगने के बावजूद चेतन चीता ने 16 राउंड गोलियां चलाईं और लश्कर के खतरनाक आतंकी कमांडर अबू हारिस को ढ़ेर कर दिया। एम्स में उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने उनकी अब तक तीन सर्जरी की और उनके शरीर में लगी सभी 9 गोलियों को निकाला।

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