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बोली-भाषा से खुलासा, नक्सली लोकल नहीं बाहर के

सुकमा-ऑपरेशन

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा पर माओवादियों के गढ़ वाले क्षेत्रों में सीआरपीएफ की 204 कोबरा (CoBRA) टीमों और डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) व एसटीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए गए व्यापक आपरेशन में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच दो बड़ी मुठभेड़ हुईं जिसमें से एक में दो जवान घायल हुए जबकि दूसरी में एक जवान शहीद हो गया।





सूत्रों के अनुसार इन आपरेशनों में एक खास बात यह देखी गई कि स्थानीय ग्रामीणों ने फोर्स को सहयोग किया। वे विकास कार्यों को माओवादियों द्वारा बाधित करने से भी नाराज दिखे। ऐसे उन्होंने अफसरों को बताया। इन ग्रामीणों ने क्षेत्र के बारे में सूचनाएं देने में भी हिचक नहीं दिखाई। सूत्रों ने एक और चौंकाने वाली जानकारी दी कि एनकाउंटर के दौरान नक्सली जो भाषा बोल रहे थे, वह स्थानीय भाषा से मेल नहीं खाती। ज्यादातर नक्सली स्थानीय न होकर बाहरी थे। इससे संकेत मिलता है कि नक्सलियों को स्थानीय लोगों पर भरोसा नहीं रहा। वह अब कैडर में स्थानीय लोगों की भर्ती भी नहीं कर रहे और उनके अपने गढ़ तक में उनकी विचारधारा कमजोर पड़ रही है।

छत्तीसगढ़

सुकमा में माओवादियों के खिलाफ संयुक्त आपरेशन की तस्वीर

जहां तक राज्य और केंद्रीय पुलिस के बीच समन्वय का मुद्दा है जिस पर सवाल उठाए जा रहे थे, तो यह समन्वय न सिर्फ फील्ड में है बल्कि बेस और लांचिंग पैड पर भी बेहतरीन है। सीआरपीएफ बीजापुर के डीआईजी धीरज कुमार और दंतेवाड़ा के डीआईजी पी. सुन्दरराज मिलकर आपरेशन का संचालन और निगरानी कर रहे हैं।

अभियान में रोज हुई मुठभेड़, मारे गए 20 नक्सली : आईजी

दूसरी तरफ सीआरपीएफ पुलिस महानिरीक्षक (IG) देवेंद्र चौहान ने बताया कि बीजापुर जिले में विषम परिस्थितियों में गर्मी के मौसम में हमारे जवानों द्वारा दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में तीन दिनों तक अभियान चलाया गया। अभियान के तीनों दिन नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। अभियान में नक्सलियों से लड़ते के लिए नई रणनीति एवं नए फार्मेट का उपयोग किया गया। अभियान में पहली बार ऐसा देखने में आया कि नक्सली कोबरा की ड्रेस में दिखे। क्षेत्र में ग्रामीणों का सहयोग फोर्स के साथ बहुत अच्छा रहा। नक्सलियों के वायरलेस सेट के इंटरसेप्ट से ऐसी सूचना मिली कि इस अभियान में करीब 20 नक्सलियों के मारे जाने की बात है। नक्सलियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।

13-15 मई तक चले नक्सली अभियान के वापस लौटने के बाद पुलिस महानिरीक्षक दद्वारा पत्रकार वार्ता के दौरान वायु सेना के सहयोग की प्रशंसा करते हुए कहा गया कि सूचना मिलने के तत्काल बाद वायु सेना द्वारा हमारे दो घायल जवानों को मौके से उपचार के लिए तत्काल रायपुर पहुंचाया गया। अभियान में एसटीएफ के एक जवान को गोली लगने से घायल हो गए थे जिन्हे रात्रि होने के कारण नहीं निकाला जा सका। शहीद जवान सुलभ उपाध्याय को दूसरे दिन सुबह हेलिकॉप्टर के माध्यम से जगदलपुर लाया गया जहां सलामी के उपरांत सम्मान पूर्वक उत्तरप्रदेश गृहग्राम के लिए रवाना किया गया। पहली बार हेलिकॉप्टर के माध्यम से जवानों को रसद सामग्री अभियान क्षेत्र तक पहुंचाई गई।

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