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माओवादियों ने काटी थी टांग, CRPF कराएगा इलाज

बीजापुर: पुलिस के लिए मुखबिरी करने के आरोप में माओवादियों ने एक डाकिए का पैर काट डाला था। अब उसके उपचार के लिए सीआरपीएफ आगे आया है। रिटायर्ड डाकिया लक्ष्मण दुर्गम जिले के मद्देड़ के रहने वाले हैं। उनके कृत्रिम पैर लगवाने का सारा खर्च सीआरपीएफ की 85वीं बटालियन उठाएगी। उन्हें उपचार के लिए जयपुर भेज रहा है। उनके साथ सीआरपीएफ के जवान भी भेजे गए हैं जो उनका उपचार होने तक उनके साथ रहेंगे।





लक्ष्मण दुर्गम ने बताया कि 7 अगस्त 2014 को वह अपनी ड्यूटी के दौरान डाक बाँट कर घर लौट रहा था तभी नक्सली उसे पकड़ ले गए और पुलिस के लिए मुखबिरी करने का आरोप लगाकर कुल्हाड़ी से बायाँ पैर काट दिया था तब से वह लकड़ी के डंडे के सहारे चल फिर रहे थे। इसी बीच उन्हें खबर मिली थी कि सीआरपीएफ 85 बटालियन इस तरह लाचार लोगों की मदद करता है। इसीलिए वह 85 बटालियन के मुख्यालय नेमेड़ आए।

सीआरपीएफ के 85वीं बटालियन के कमांडेंट सुधीर कुमार ने बताया कि इस तरह एक पैर से दिव्यांग लोगों का जयपुर में इलाज किया जाता है और उसके बाद आर्टिफिशियल पैर लगाकर उन्हें नई जिंदगी दी जाती है।

कमांडेंट सुधीर ने जानकारी दी कि इससे पहले उन्होंने चेरपाल निवासी सोनू ताती को भी आर्टिफिशियल पैर लगवाया था जिससे वह आज डंडे के बजाय अपने दोनों पैरों पर चल रहे हैं। ये सारे सामाजिक कार्य सीआरपीएफ सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत करती है।

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