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शहीद CRPF जवान के लिए पूरा नोखा उमड़ पड़ा

शहीद जगदीश बिश्नोई की अंतिम यात्रा

जयपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में शहीद सीआरपीएफ जवान जगदीश विश्नोई का बीकानेर के नोखा में राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस और सेना के जवानों ने हवाई फायर कर शहीद को अंतिम विदाई दी। शहीद की अंतिम यात्रा में मानो पूरा नोखा उमड़ पड़ा। गजब की भीड थी। परिवार का तो रो-रोकर बुरा हाल था। जगदीश की माता, पत्नी और बडे भाई रामनिवास के आंसू थम नहीं रहे थे। घर के बाहर मौजूद हर शख्स की आंखें भीगी थीं।





सीआरपीएफ के हेड कॉन्स्टेबल जगदीश बिश्नोई की अंतिम यात्रा

बीकानेर के नोखा में शहीद सीआरपीएफ के हेड कॉन्स्टेबल जगदीश बिश्नोई की अंतिम यात्रा

शहीद जगदीश बिश्नोई की अंतिम यात्रा

शहीद जगदीश बिश्नोई की अंतिम यात्रा में मानो पूरा नोखा उमड़ पड़ा

अंतिम यात्रा में लोगों ने भारत माता की जय, शहीद जगदीश विश्नोई अमर रहे जैसे देशभक्ति के नारे लगा कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल समेत हजारों लोगों ने शहीद के अंतिम दर्शन कर पुष्पांजलि अर्पित की। शहीद के सम्मान में बीएसएफ के राजस्थान फ्रंटियर मुख्यालय में होली के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गये थे।

शहीद जगदीश नोखा में छुट्टियां बिताकर 14 जनवरी को ही छत्तीसगढ के लिए रवाना हुए थे। अर्जुन राम देहडू के छोटे पुत्र जगदीश 2003 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। 2014 में उनका प्रमोशन हुआ और वह हेड कांस्टेबल बन गए। वह डेढ साल से छत्तीसगढ के माओवादी क्षेत्र में ड्यूटी कर रहे थे। उनकी पत्नी का नाम रत्ना है। उनके दो बच्चे हैं-बेटी 9 साल की और बेटा 4 साल का है।

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