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जानिए क्या है, CRPF शहीदों के परिजनों के लिए किरण बेदी का आइडिया

किरण बेदी

नई दिल्ली: पुडुचेरी की उप-राज्यपाल और देश की प्रथम महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने सीआरपीएफ को अपने शहीद जवानों के परिवार की देखरेख के लिए एक सुझाव दिया है। उन्होंने सुझाया है कि सीआरपीएफ को एक संगठन के रूप में इन परिवारों को गोद ले लेना चाहिए।





किरण बेदी अपने सख्त रुख के लिए चर्चित रही हैं, साथ ही वह बेहद संवेदनशील भी मानी जाती हैं। तभी तो वह जवानों का दर्द अपना दर्द समझती हैं। वह पुलिस सुधारों की लम्बे समय से पैरोकारी करती रही हैं। अभी 24 अप्रैल को सुकमा में सीआरपीएफ के 25 जवानों की मौत ने उन्हें अन्दर तक झकझोर दिया। उन्होंने शहीदों के परिजनों का दर्द महसूस करते हुए ट्वीट किया है कि सीआरपीएफ को अब एक ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे शहीद आश्रितों को लगे कि फ़ोर्स अभी भी उनके साथ है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सीआरपीएफ एक फैमिली लाइफ सपोर्ट फंड बना सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि ऐसी घटनाओं के मद्देनजर कारपोरेट जगत के लिए भी सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत इस फंड को खोल देना चाहिए।

ये आइडिया किरण बेदी ने अपने ट्विटर हैंडल पर दिया है। उन्होंने नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत के उस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए उक्त बातें लिखीं जिसमें अमिताभ कांत ने क्रिकेटर गौतम गंभीर की उस पहल की तारीफ़ की है जिसमें गंभीर ने माओवादियों से मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 25 शहीद जवानों के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का जिम्मा उठाने का ऐलान किया है।

25 जवान हुए थे शहीद

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 24 अप्रैल की दोपहर सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन पर माओवादियों ने हमला किया। फायरिंग में 25 जवान शहीद हो गए थे। चिंतागुफा और बुर्कापाल के करीब सड़क बनाई जा रही है। सीआरपीएफ की पेट्रोलिंग पार्टी को वहां सिक्युरिटी में लगाया गया था। करीब 300 नक्सलियों ने उन पर घात लगाकर हमला किया। सीआरपीएफ अफसर के मुताबिक पेट्रोलिंग पार्टी में 99 जवान थे।

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