CRPF

CRPF अफसरों की सुनी गई होती तो आज ड्यूटी पर होते शहीद जवान

आतंकी हमला

जम्मू। अगर केंद्र ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के अधिकारियों का निवेदन मान लिया होता तो आज पुलवामा हमले के शहीद जवान ड्यूटी पर होते।





मीडिया खबरों के मुताबिक श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भू-स्खलन और बर्फबारी की वजह से करीब हफ्ते भर से बंद था। कश्मीर के 2,155 लोग जम्मू में फंसे थे। हंगामा करने के बाद इन्हें एयरफोर्स के सी- 17 प्लेन से एयरलिफ्ट कर सुरक्षित घाटी पहुंया दिया गया था। वहीं सीआरपीएफ के निशाना बने इन जवानों को खराब मौसम में खस्ताहाल और पहाड़ों से गिर रहे पत्थरों के बीच जम्मू से बसों में रवाना किया गया।

जम्मू सेक्टर के सीआरपीएफ आईजी अभय वीर चौहान का कहना है कि 08-11 फरवरी तक जम्मू- श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने के कारण छुट्टी बिताकर लौटे सैकड़ों जवान जम्मू के कई कैंपों में फंसे रह गए। जवानों को एयरलिफ्ट करवाने के प्रयासों को नजरअंदाज कर दिया गया। हमने एयरफोर्स से भी कोशिश की थी कि फंसे जवानों को जम्मू से एयरलिफ्ट किया जाए। ऐसा संभव न होने की वजह से जवानों को शुक्रवार तड़के काफिले के जरिए श्रीनगर रवाना किया गया।

बता दें कि आईईडी अलर्ट को लेकर सीमा सुरक्षा बल पहले से गंभीर था। बीएसएफ ने अपने जवानों को 02 दिन पहले विशेष विमान से जम्मू-कश्मीर भेजा था। मकबूल बट की बरसी को लेकर आतंकवादियों के बड़ी वारदात करने की आशंका को ध्यान में रखते हुए बीएसएफ कश्मीर फ्रंटियर ने 11, 12 और 13 फरवरी को जम्मू से 1,000 सीमा प्रहरियों को श्रीनगर पहुंचाया था।

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