CRPF

नम आंखों से पूरे सम्मान के साथ दी गई CRPF जवानों को अंतिम विदाई

नई दिल्ली। सुकमा नक्सली हमले में शहीद सीआरपीएफ जवानों का उनके गृह क्षेत्र में पूरे सैनिक और राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान माहौल गमगीन हो गया।





शहीद एएसआई बिहार के नरेंद्र कुमार सिंह

शहीद एएसआई बिहार के नरेंद्र कुमार सिंह को अंतिम विदाई देने की तैयारी

चंदौली के गोरखनाथ को पूरे राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई

तमिलनाडु के के. शंकर को ऐसे दी गई विदाई

वर्धा के प्रेम दास मेंढे के शव के पास शोकाकुल उनका परिवार

सीआरपीएफ के शहीद हेड कॉन्स्टेबल जगदीश विश्नोई का आज बीकानेर के नोखा में राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस और सेना के जवानों ने हवाई फायर कर शहीद को अंतिम विदाई दी। शहीद की अंतिम यात्रा में पूरा नोखा उमड पड़ा। अंतिम यात्रा में लोगों ने भारत माता की जय, शहीद जगदीश विश्नोई अमर रहे जैसे देशभक्ति के नारे लगा कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल, नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, संसदीय सचिव डॅा विश्वनाथ मेघवाल समेत हजारों लोगों ने शहीद के अंतिम दर्शन कर पुष्पांजलि अर्पित की। शहीद के सम्मान में बीएसएफ के राजस्थान फ्रंटीयर मुख्यालय में होली के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गये।

इससे पूर्व रविवार सुबह को शहीद जगदीश प्रसाद का शव विशेष विमान से नाल एयरपोर्ट पहुंचा। नाल एयरपोर्ट पर वायु सेना नाल के मुख्य प्रसासनिक अधिकारी ग्रुप कैप्टन कुलदीप सिंह फ्लाइट लेफ्टिनेंट राकेश तिवारी, आई जी विपिन कुमार पांडे, सम्भागीय आयुक्त सुआ लाल, कलेक्टर वेद प्रकाश, एस पी अमनदीप सिह कपूर सहित अनेक अधिकारी पहुंचे। बाद में बिश्नोई की पार्थिक देह को देशनोक होते हुए नोखा ले जाया गया। देशनोक और नाेखा वासियों ने शहीद जगदीश बिश्नोई की पार्थिक देह पर पुष्प वर्षा की। लोग 5 बजे से ही इकट्ठा होने शुरू हो गए थे और लोगों ने शहीद जगदीश बिश्नोई अमर रहे के नारे लगाए।

इससे पहले शहीद जवानों का शव उनके गृह ग्राम हेलिकॉप्टर से भेजा गया। वहीं तमिलनाडु के शहीद जवान के शंकर के शव को चार्टर्ड प्लेन से भेजे जाने की खबर मिली है। जवानों का शव भेजे जाने के पहले उन्हें रायपुर में श्रद्धांजलि दी गई।

शनिवार को देर शाम रायपुर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके शव को घर पहुंचाने के संबंध में अधिकारियों और मुख्यमंत्री से बात की थी। सोमवार को होली को देखते तय किया गया कि किसी भी सूरत में शव उनके परिजनों तक पहुंचा दिया जाए। राजनाथ ने यहीं से रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से भी फोन पर बात की थी। केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा था कि शहीद जवानों के परिजनों को अनुग्रह राशि बढ़ाकर एक करोड़ रुपए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली लौटकर इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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