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जांबाजों की ये कदर! ठहरा दिया अधबनी इमारत में, चली गई CRPF के SI की जान

गांदरबल: कमांडेंट चेतन चीता के ठीक होने की खुशी अभी केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ठीक से मना भी नहीं पाया था कि कश्मीर के गांदरबल से आज सुबह एक बुरी खबर आ गई। यह खबर किसी आतंकी हमले से जुड़ी नहीं है बल्कि यह हद दर्जे की प्रशासनिक लापरवाहियों की ओर इंगित करती है। जो जवान देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने से पीछे नहीं हटते उन्हीं जवानों को चुनाव ड्यूटी के लिए जिला अस्पताल की निर्माणाधीन बिल्डिंग में ठहरा दिया गया जिसने सब इंस्पेक्टर बलवान सिंह की जान ले ली। 56 साल के बलवान अन्धेरा होने और फिसलन वाली फर्श से फिसलकर पहली मंजिल से गिर गए। जब तक उनको पास के अस्पताल तक पहुंचाया जाता उनकी मौत हो गई।





सब इंस्पेक्टर बलवान सिंह हरियाणा के रोहतक जिले के बिसवान के रहने वाले थे। बलवान सिंह के रिटायरमेंट को एक साल बचा था। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं। वह सीआरपीएफ की 92वीं बटालियन में थे। यह जानकारी सीआरपीएफ के प्रवक्ता सतेंद्र सिंह ने दी।

सब इंस्पेक्टर बलवान सिंह यहीं से फिसलकर नीचे गिर गए और उनकी मौत हो गई

दरअसल, मध्य कश्मीर के अनंतनाग और श्रीनगर लोकसभा उपचुनाव की ड्यूटी के लिए सीआरपीएफ की 6 कंपनी गांदरबल (श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र का जिला) पहुंची थीं। श्रीनगर में चुनाव 9 अप्रैल को होना है। जवानों को जिला अस्पताल की उस बिल्डिंग की पहली मंजिल पर ठहराया गया था जो सात साल से बन रही है। इसमें रेलिंग ही नहीं थी। बिल्डिंग में जवानों के लिए मूलभूत सुविधाएं जैसे शौचालय, बिजली, पीने के लिए पानी, दरवाजे, खिड़कियां तक नहीं हैं और तो और इन जवानों को ठहराने से पहले साफ़-सफाई तक नहीं कराई गई। इतना ही नहीं बिल्डिंग में एक तरफ तो बरसात का पानी भी भरा हुआ था।

सीआरपीएफ के जवानों ने यहां की असुविधाओं की जानकारी नोडल ऑफिसर और जिला प्रशासन को भी दी लेकिन उनकी बात को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। रोशनी नहीं होने की वजह से एसआई बलवान सिंह को कुछ दिखाई नहीं दिया। वह रपटकर पहली मंजिल से नीचे गिर गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद समीप के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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