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आतंकवाद के दौर में कश्मीर में पहली बार दिखा ऐसा नजारा

सीआरपीएफ

श्रीनगर। आतंकवाद के दौर में पिछले कुछ साल में तो ऐसा पहली बार ही हुआ है और इसे लेकर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों में जोश के साथ जश्न का माहौल बन रहा था। दिल्ली से CRPF के प्रमुख राजीव राय भटनागर तो आए ही उनके साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक भी शाबाशी का तोहफा लाए थे। आखिर तोहफा तो बनता ही है जब जांबाजों ने बिना अपना कोई नुकसान हुए लश्कर-ए-तैयबा के उन चार फिदायीन आतंकियों को धराशायी कर डाला जो उनके कैम्प में तबाही मचाने आए थे।





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CRPF के DG ने सुम्बल स्थित 45वीं बटालियन के मुख्यालय में जवानों का हौसला बढ़ाया

बांदीपोरा आतंकी हमला

सीआरपीएफ के महानिदेशक राजीव राय भटनागर ने सुम्बल में आतंकवादियों को मार गिराने वाले बहादुर जवानों को महानिदेशक की ‘डिस्क’ से नवाजा

बांदीपोरा आतंकी हमला

सीआरपीएफ के महानिदेशक राजीव राय भटनागर ने सुम्बल में आतंकवादियों को मार गिराने वाले बहादुर जवान को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया

बांदीपोरा आतंकी हमला

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक ने सीआरपीएफ के महानिदेशक के साथ CRPF कैम्प का दौरा किया और जवानों को त्वरित कार्रवाई के लिए बधाई दी और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया

बांदीपोरा आतंकी हमला

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक ने सीआरपीएफ के महानिदेशक के साथ CRPF कैम्प का दौरा किया और जवानों को त्वरित कार्रवाई के लिए बधाई दी

बांदीपोरा आतंकी हमला

सीआरपीएफ के महानिदेशक राजीव राय भटनागर ने सुम्बल में आतंकवादियों को मार गिराने वाले बहादुर जवानों को महानिदेशक की ‘डिस्क’ से नवाजा

बांदीपोरा आतंकी हमला

मंगलवार को मीडिया से मुखातिब सीआरपीएफ के महानिदेशक राजीव राय भटनागर

बांदीपोरा आतंकी हमला

सीआरपीएफ की 45 बटालियन के कमांडेंट इकबाल अहमद

दोनों पुलिस प्रमुखों ने सबसे पहले बारामुला के सुम्बल में सीआरपीएफ कैम्प में पहुंचते ही 45वीं बटालियन के कमांडिंग आफिसर इकबाल अहमद से मुलाक़ात की और सोमवार को तड़के हुए घटनाक्रम का ब्योरा लिया। इकबाल अहमद वही अधिकारी हैं जिन्होंने जांबाज चेतन चीता के घायल होने के बाद कुछ अरसा पहले ही इस बटालियन का चार्ज लिया था।

इसके बाद अधिकारी उस जगह पर पहुंचे जहां CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों ने मिलकर चारों आतंकियों के साथ घमासान किया था। श्री राय ने उन जवानों से भी बातचीत की और फिर मीडिया से मुखातिब हुए, “मैं यहाँ जवानों को शाबाशी देने आया हूँ।” उनके साथ पुलिस महानिदेशक शेष पाल वेद ने खुलासा किया-‘मारे गए आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के लगते हैं।’

लेकिन अधिकारियों की शाबाशी महज शाब्दिक या पीठ ठोंकने वाली ही नहीं थी। उन्होंने जवानों को महानिदेशक की ‘डिस्क’ से सम्मानित भी किया। दिलचस्प ये रहा कि दोनों पुलिस संगठनों ने एक-दूसरे को भरपूर अहमियत दी और तालमेल से किए गए इस आपरेशन को बेमिसाल बताया। ऐसे में ये शाबाशी समारोह भी बेमिसाल बन गया।

सीआरपीएफ के महानिदेशक ने अपने बल के जवानों को तो सम्मानित किया ही, जम्मू-कश्मीर पुलिस के भी उन जवानों को सम्मान दिया जो इस मुठभेड़ में डटे रहे थे और ऐसा ही किया जम्मू-कश्मीर के DGP ने।

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