CRPF

15 लाख के इनामी माओवादी नकुल यादव के सरेंडर के बाद घातक हथियारों का जखीरा बरामद

नक्सली सरेंडर

रांची। भाकपा माओवादी के रीजनल कमांडर नकुल यादव उर्फ अर्जुन उर्फ जवाहर यादव ने गुरुवार को अपने एक अन्य साथी मदन यादव के साथ डीआईजी अमोल विणुकांत होमकर के समक्ष सरेंडर कर दिया है। नकुल पर 15 लाख और मदन पर पांच लाख रुपए का इनाम था। इस दौरान एडीजी आरके मलिक ने आत्मसमर्पण नीति के तहत मिलने वाकी पुरस्कार राशि के रूप में नकद 50 हजार रुपये और चेक सौंपा। इस बीच, केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर भी CRPF जवानों से मिलने सुकमा के पोलमपल्ली पहुँच गए हैं।





पुलिस ने नकुल और मदन की निशानदेही पर झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) की 158वीं बटालियन ने संयुक्त अभियान में माओवाद प्रभावित लोहरदग्गा जिले से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। इसमें अत्याधुनिक हथियारों के अलावा करीब तीन हजार गोलियां बरामद की हैं। इनमें 7.62 MM की एक एलएमजी, अमेरिका की बनी सेमी आटोमेटिक राइफल, एके 47, एसएलआर, तीन इंसास राइफल, 303 बोर की दो और 315 बोर की चार राइफलें बरामद हुई। इसके अलावा वायरलेस सेट, मैगजीन तथा विभिन्न बोर के तीन हजार कारतूस व आईईडी के तार शामिल हैं।

नक्सलियों का सरेंडर

नक्सलियों की निशानदेही पर बरामद हथियारों के साथ पुलिस अफसर

हथियार और गोला-बारूद

लोहरदग्गा जिले से मैगजीन और वायरलेस सेट भी बरामद हुए

इस मौके पर सीआरपीएफ के आईजी संजय आनंद लाटेकर ने कहा कि माओवादियों के सामने अब दो ही रास्ते बचे हैं या तो वे कानून की शरण में आएं या फिर गोली खाने को तैयार रहें। उन्होंने कहा कि माओवादी राज्य सरकार की सरेंडर नीति का लाभ उठायें और समाज की मुख्य धारा में शामिल होकर राज्य के विकास में सहयोग करें।

आईजी लाटेकर ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी (नकुल यादव और मदन यादव) मुख्य रूप से राज्य के लोहरदग्गा, गुमला, लातेहार, पलामू और रांची जिले में सक्रिय थे। इन्हें लोहरदगा जिले से जुड़े कांड में न्यायालय में पेश किया जायेगा।

नक्सली सरेंडर

नक्सलियों से बरामद हथियार

नकुल यादव और मदन यादव के बारे में

नक्सलियों का सरेंडर

माओवादी मदन यादव को सरेंडर के बाद पांच लाख का चेक देते पुलिस अफसर

नकुल यादव चतरा जिला के कुंदा थाना स्थित जोबिया गांव का रहने वाला है। उनके खिलाफ राज्य के विभिन्न जिलों में अपराध के कई मामले दर्ज है। इनमें लोहरदगा जिले में लगभग 64, लातेहार में 51, गुमला में 23, पलामू में 04 और रांची में के 02 मामले हैं। वहीं माओवादी मदन यादव उर्फ मदन गोप गुमला जिले के बिशुनपुर थाना स्थित रेहलदाग गांव का रहने वाला है। मदन यादव भी 2009 से संगठन में शामिल है। पांच लाख का इनामी है। हाल के दिनों में जोनल कमांडर के रूप में जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन दस्ता नहीं होने की वजह से सब जोनल कमांडर के रूप में काम कर रहा था।

सुकमा में पकड़े गए 11 संदिग्ध नक्सली

सुकमा जिले के बुर्कापाल के आसपास से पुलिस ने 11 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है, इनमें ज्यादातर ग्रामीण हैं। पिछले दिनों सुकमा में हुए नक्सली हमले में इनकी संलिप्तता होने की आशंका है। डीआजी सुंदरराज पी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। यदि इनके हमले में शामिल होने का कोई सबूत मिलता है तो इन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करेंगे।

गौरतलब है कि 24 अप्रैल को नक्सलियों ने एम्बुश लगाकर रोड ओपनिंग के लिए निकले सीआरपीएफ के जवानों पर हमला कर दिया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए थे। इस बड़े नक्सली हमले के बाद से ही केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए योजना बना रही है। इसके लिए लगातार बैठकों का दौर जारी है। सुंदरराज पी पहले ही कह चुके हैं कि हमले में शामिल नक्सलियों को ढूंढने के लिए जवानों की टुकड़ियां जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

इसी कड़ी में गुरुवार को पुलिस ने एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ जारी है। हमले से जुड़े कई सुराग मिलने की भी संभावना जताई जा रही है। चूंकि हमले के बाद घायल जवान ने बताया था कि नक्सलियों के साथ ग्रामीण भी हमले में शामिल थे। इसलिए पुलिस की नजर संदिग्ध ग्रामीणों पर भी बनी हुई है क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि हमले का इनपुट उन्होंने ही नक्सलियों को दिया था। फिलहाल संदिग्ध ग्रामीणों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।

दो नक्सली समर्थक गिरफ्तार

पुलिस ने पलामू जिला स्थित मनातू थाना के रंगैया गांव से दो नक्सली समर्थकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सलियों में नारायण साव और नंदलाल साव शामिल है। पलामू एसपी इंद्रजीत महथा ने बताया कि दोनों पर प्रतिबंधित नक्सली संगठन के समर्थक होने, पुलिस की गतिविधियों की जानकारी नक्सलियों को देने और नक्सली साहित्य रखने के आरोप है। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

नक्सलियों के खिलाफ तेज होगा अभियान : डीजीपी

रांची। राज्य में नक्सल समस्या से निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों की बैठक कल डीजीपी डीके पांडेय की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय में हुई। बैठक में नक्सल विरोधी अभियान से लेकर खुफिया सूचना संकलन और नक्सल प्रभावित इलाकों में चलाए जा रहे सामाजिक कार्यों पर चर्चा हुई।

बैठक के बाद निर्धारित हुआ कि नक्सलियों के खिलाफ हमला तेज होगा और राज्य में हो रहे अपराध पर हर हाल में लगाम लगाई जाएगी। साथ ही डीजीपी ने पड़ोसी राज्यों से सूचना का आदान-प्रदान करने और बेहतर समन्वय स्थापित कर अभियान चलाने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। डीजीपी ने कहा कि झारखंड पुलिस अपने मिशन पर काम कर रही है और उसे कामयाबी भी मिल रही है।

नक्सल समस्या और अपराध को लेकर बैठक बुलाई गई है। नक्सलियों के खिलाफ अभियान को तेज किया जाएगा। बैठक में एडीजी अजय भटनागर, अनुराग गुप्ता, अनिल पालटा मौजूद रहे।

नक्सल विरोधी दो ऑपरेशन में SSB ने दबोचे 9 नक्सली

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