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सुकमा में माओवादियों से मुठभेड़, सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद

सुकमा हमला

नई दिल्ली/सुकमा: एक बार फिर से छत्तीसगढ़ के सुकमा में माओवादी और सुरक्षाबलों के बीच हुए मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 25 से जवान शहीद हो गए और सात जवान घायल हुए हैं। घायल जवानों में पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। आपको बता दें कि दो महीने के अन्दर यह सुकमा में बड़ा नक्सली हमला हुआ है। माओवादियों ने जवानों के हथियार भी लूट लिए।





सुकमा हमला

सुकमा हमले में शहीद हुए जवान

…माओवादियों ने ऐसे रची थी हमले की साजिश

हमले के बाद 11 जवान मौके पर ही शहीद हो गए थे जबकि हेड कांस्टेबल राममेहर समेत अन्य जवानों की मौत बाद में हुई। मुठभेड़ में कई माओवादियों के भी मारे जाने की खबर है। नक्सलियों ने ग्रामीणों की आड़ में सीआरपीएफ की टीम पर हमला किया। मुठभेड़ में महिला माओवादी भी शामिल थीं। सभी माओवादी अत्याधुनिक हथियारों से लैस थे।

मिली जानकारी के मुताबिक, यह हमला सुकमा के चिंतागुफा के बुर्कापाल में किया। अब तक छ: जवानों के शवों को बरामद किया जा चुका है। यह माओवादी हमला दोपहर 12:55 बजे हुआ। शहीद जवान सीआरपीएफ के 74वीं बटालियन के थे। सीआरपीएफ के जवानों सड़क निर्माण कार्य कर रहे लोगों की मदद के लिए तैनात किया गया था।

घायल जवानों को हेलिकॉप्टर से ले जाया गया

माओवादी हमले की जानकारी मिलने पर राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह अपनी दिल्ली यात्रा रद कर रायपुर लौट आए हैं और उन्होंने आपातकालीन बैठक बुलाई है। मुठभेड़ की जानकारी मिलने के बाद मौके पर सीआरपीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक सुदीप लखटकिया और अन्य अधिकारी रायपुर पहुंच रहे हैं और सुबह सुकमा पहुंच जाएंगे।

वहीं, सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के जवान घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और सर्च ऑपरेशन चला रखा है। सीआरपीएफ के घायल जवानों में से तीन को रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल, रायपुर और तीन जवानों को बालाजी अस्पताल, रायपुर में भर्ती कराया गया है।

इस माओवादी हमले में सात जवान घायल हुए हैं जिनमें पांच जवानों की हालत गंभीर हैं जबकि दो जवान खतरे से बाहर हैं। हमले में एएसआई आर पी हेम्बराम, सिपाही स्वरूप कुमार, मोहिन्दर सिंह, जीतेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हुए हैं जबकि सिपाही शेर मोहम्मद, लाटू ओरोन की हालत खतरे से बाहर है। हमले में घायल हुए जवानों को उपचार के लिए हेलिकाप्टर से जगदलपुर और रायपुर ले जाया गया है। सुकमा में माओवादियों का सुरक्षाबलों पर किया गया यह छठवां बड़ा हमला है।

रेकी करने के लिए पहले ग्रामीणों को भेजा गया था

मुठभेड़ में घायर हुए सीआरपीएफ के जवान शेर मोहम्मद ने बताया कि हम सभी सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा में थे। माओवादियों ने पहले वहां पर ग्रामीणों को भेजा और ग्रामीणों ने वापस जाकर नक्सलियों को हमारे बारे में पूरी सूचना दी।उसके बाद नक्सली अत्याधुनिक हथियारों के साथ आए और अचानक सीआरपीएफ की टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी। हमलावरों में महिलाएं भी शामिल थीं। माओवादियों की संख्या लगभग तीन सौ थी और हमारी संख्या लगभग 150 थी। मैने तीन-चार माओवादियों को सीने में गोली मारी है।

प्रधानमंत्री ने जताया दु:ख

सुकमा में हुए इस मुठभेड़ पर प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर लिखा कि माओवादियों का इस तरह से सीआरपीएफ के जवानों पर हमला करना कायरतापूर्ण है। जवानों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। हमें जवानों पर गर्व है।

गृहमंत्री ने घटना को दुखद बताया

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस हमले को दुखद बताते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘सीआरपीएफ जवानों के शहीद होने की घटना बहुत ही दुखदायी है। शहीदों के परिजनों के प्रति मेरी सहानुभूति है।’ उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने गृह राज्य मंत्री गंगराम अहीर को छत्तीसगढ़ हालात का जायजा लेने के लिए भेजा है।

शहीद जवानों के नाम

क्रम संख्यापदनाम
1सब इन्सपेक्टररघुबीर सिंह
2असिसटेंट सब इन्सपेक्टरके के दास
3असिसटेंट सब इन्सपेक्टरसंजय कुमार
4असिसटेंट सब इन्सपेक्टररमेश्वर लाल
5हेड कांस्टेबलनरेश कुमार
6हेड कांस्टेबलसुरेंदर कुमार
7हेड कांस्टेबलबन्ना राम
8हेड कांस्टेबलएल पी सिंह
9हेड कांस्टेबलनरेश यादव
10कांस्टेबलपदमनाभन
11कांस्टेबलसौरभ कुमार
12कांस्टेबलअभय मिश्रा
13कांस्टेबलबनमाली राम
14कांस्टेबलएन पी सोनकर
15कांस्टेबलके के पान्डेय
16कांस्टेबलविनय चन्द्रा बर्मन
17कांस्टेबलपी अलगुपांदी
18कांस्टेबलअभय कुमार
19कांस्टेबलएन सेंथिल कुमार
20कांस्टेबलएन थिरुमुर्गन
21कांस्टेबलरंजीत कुमार
22कांस्टेबलआशीश सिंह
23कांस्टेबलमनोज कुमार
24कांस्टेबलअनूप करमाकर
25कांस्टेबलराम मेहर

 

 नहीं लिया सबक, CRPF पर सुकमा में यह पांचवां बड़ा हमला

इससे पहले 11 मार्च 2017 को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के भेज्जी क्षेत्र में माओवादियों ने उस समय सीआरपीएफ की टीम पर हमला किया जवान इस इलाके में अवरुद्ध सड़क को खाली कराने के काम में जुटे थे। इस नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 12 जवान शहीद हुए हैं। माओवादियों ने जवानों के हथियार और रेडियो सेट्स भी लूट लिए। शहीद हुए जवान सीआरपीएफ की 219वीं बटालियन से थे।

जानकर दहल जाएंगे!! वाहन के फर्श पर जवान क्यों बिछाते हैं बुलेटप्रूफ जैकेट ?

सीआरपीएफ

rakshaknews.com ने पहले ही रिपोर्ट दी थी कि हमारे जवान किन परिस्थितियों में छद्म युद्ध का मुकाबला कर रहे हैं!!

2017

  • 24 अप्रैल 2017 सुकमा के चिंतागुफा के बुर्कापाल में सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन और माओवादियों के बीच मुठभेड़। 24 जवान शहीद।
  • 11 मार्च 2017 को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के भेज्जी क्षेत्र में माओवादियों ने उस समय सीआरपीएफ की टीम पर हमला किया जवान इस इलाके में अवरुद्ध सड़क को खाली कराने के काम में जुटे थे। इस नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 12 जवान शहीद हुए हैं। माओवादियों ने जवानों के हथियार और रेडियो सेट्स भी लूट लिए। शहीद हुए जवान सीआरपीएफ की 219वीं बटालियन से थे।

2016

  • 30 मार्च 2016 को दंतेवाड़ा में माओवादियों ने सीआरपीएफ जवानों पर हमला किया था। इसमें 7 जवान शहीद हुए।

2015

  • 11 अप्रैल 2015 सुकमा के कंकेरलंका में माओवादियों ने स्पेशल टास्क फोर्स (STF) पर हमला किया था। इस हमले में एसटीएफ के सात जवानों की मौत हुई थी।
  • 12 अप्रैल 2015 को कांकेर जिले के बांदे में एक बीएसएफ जवान की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी।
  • 13 अप्रैल 2015 छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स के 5 जवान शहीद हुए थे। यह हमला माओवादियों ने दंतेवाड़ा जिले के किरनदुल में किया था।

2014

  • 28 फरवरी 2014 को छत्तीसगढ़ में माओवादियों ने एक थानाध्यक्ष समेत 6 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी।
  • 11 मार्च 2014 को सुकमा के दरभा घाटी के समीप टोंगपाल गांव में माओवादियों ने सुरक्षाबलों पर हमला किया था। इस हमले में 15 जवान शहीद हुए थे और एक आम नागरिक की भी मौत हुई थी।
  • 11 मई 2014 को गढ़चिरौली जिले में माओवादियों ने लैंडमाइन्स के जरिए 7 पुलिस कमाडों की हत्या कर दी थी।

2013

  • 25 मई 2013 को बस्तर के दरभा घाटी में हुए इस माओवादी हमले में आदिवासी नेता महेंद्र कर्मा, कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 30 से अधिक लोग मारे गए थे।

2012

  • नवंबर: पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा के वाहन पर हमला।
  • 12 मई: सुकमा में दूरदर्शन केंद्र पर हमला, चार जवान शहीद।
  • मई: तत्कालीन महिला और बाल विकास मंत्री लता उसेंडी के वाहन पर हमला।
  • अप्रैल: संसदीय सचिव महेश गागडा के काफिले पर हमला।
  • जनवरी: विधायक भीमा मंडावी के काफिले पर हमला।

2011

  • अक्टूबर: भाजपा विधायक डमरूधर पुजारी के घर पर हमला।
  • अक्टूबर:बस्तर में छह सुरक्षाकर्मियों की हत्या।
  • अगस्त: माओवादी हमले में 11 पुलिसकर्मियों की हत्या।
  • जुलाई: दंतेवाडा में 10 पुलिसकर्मियों की हत्या।
  • जुलाई: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल के काफिले पर हमला।

2010

  • 29 जून 2010 को नारायणपुर जिले के धोड़ाई में सीआरपीएफ के जवानों पर माओवादियों ने हमला किया। इस हमले में पुलिस के 27 जवान मारे गए।
  • 17 मई 2010 को एक यात्री बस में सवार होकर दंतेवाड़ा से सुकमा जा रहे सुरक्षाबल के जवानों पर माओवादियों ने बारूदी सुरंग लगा कर हमला किया था, जिसमें 14 विशेष पुलिस अधिकारी समेत 36 लोग मारे गए थे।
  • 6 अप्रैल 2010 को बस्तर के ताड़मेटला में सीआरपीएफ के जवान सर्चिंग के लिए निकले थे, जहां संदिग्ध माओवादियों ने बारुदी सुरंग लगा कर 76 जवानों को मार डाला था।

2009

  • 12 जुलाई 2009 को राजनांदगांव के मानपुर इलाके में माओवादियों के हमले की सूचना पा कर पहुंचे पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार चौबे समेत 29 पुलिसकर्मियों पर माओवादियों ने हमला बोला और उनकी हत्या कर दी।
  • 26 सितंबर 2009 को भाजपा सांसद बलिराम कश्यप की जगदलपुर में हत्या।

2008

  • मार्च में सांसद बलिराम कश्यप और वनमंत्री विक्रम उसेंडी के काफिले पर हमला।
  • 28 अप्रैल: कांकेर के मिचगांव में मोर्टार बम से हमला कर नक्सलियों ने पांच जवानों की हत्या कर दी थी।
  • 16 मार्च: रानी बोदली के जंगल में हंड ग्रेनेड, गैसोलीन बम और बंदूक से हमला कर नक्सलियों ने करीब 49 लोगों की हत्या कर दी थी।

2007

  • 9 जुलाई 2007 को एर्राबोर के उरपलमेटा में सीआरपीएफ और ज़िला पुलिस का बल माओवादियों की तलाश कर के वापस बेस कैंप लौट रहा था। इस दल पर माओवादियों ने हमला बोला जिसमें 23 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।
  • 15 मार्च 2007 को बीजापुर के रानीबोदली में पुलिस के एक कैंप पर आधी रात को माओवादियों ने हमला किया और भारी गोलीबारी की। इसके बाद कैंप को बाहर से आग लगा दिया. इस हमले में पुलिस के 55 जवान मारे गए।
  • 17 जुलाई 2007 करीब 800 माओवादियों ने दंतेवाडा में हमला कर 25 लोगों की हत्या की, इस हमले में 32 लोग घायल हुए थे और करीब 250 लोग लापता हो गए थे।

2006

  • 9 फरवरी 2006 को नक्सलियों ने एनएमडीसी के गोदाम में हमला कर सीआरपीएफ के 8 जवानों की हत्या कर गोदाम से बारूद लूट लिए थे।

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