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CRPF को मिली बस्तरिया बटालियन, राजनाथ सिंह ने कहा अब नक्सलियों की खैर नहीं

बस्तरिया बटालियन (crpf)

अंबिकापुर। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की बस्तरिया बटालियन अब माओवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह CRPF की बस्तरिया बटालियन के पहले बैच की पासिंग आउट परेड में शामिल हुए। राजनाथ सिंह ने यहां जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हमने अपनी लड़ाई में जो सफलता हासिल की है वह राज्य पुलिस व सीआरपीएफ के बीच अच्छे समन्वय की वजह से है।’





गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में 261 बस्तरिया बटालियन के पासिंग आउट परेड में कहा, ‘नक्सलवाद एक चुनौती है, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि यह खतरा अब घट रहा है और अपनी जमीन खो रहा है। सुरक्षा बलों के हताहत होने वाली घटनाओं में कमी आई है।

उन्होंने सीआरपीएफ और राज्य पुलिस को नक्सलवादियों के 40 से 45 फीसदी भौगोलिक विस्तार पर नियंत्रण करने के लिए बधाई दी।

CRPF की बस्तारिया बटालियन में 543 जवान हैं, जिसमें 189 महिलाएं भी शामिल हैं। पासिंग आउट परेड के बाद इस बटालियन को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ही तैनात किया गया है। रंगरूटों का चयन अविभाजित बक्सर क्षेत्र के सुकमा,  दंतेवाड़ा,  नारायणपुर और बीजापुर जिलों से किया गया है।

केंद्र सरकार ने पिछले साल ‘बस्तरिया’ बटालियन शुरू करने को मंजूरी दी थी। बटालियन के गठन का मकसद बेरोजगारी जैसे स्थानीय मुद्दों पर ध्यान देना, अभियानों, खुफिया जानकारी जुटाने और भाषा संबंधी लाभ के संबंध में सीआरपीएफ को रणनीतिक बढ़त देना है।

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