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CRPF की केंद्र सरकार से खास अपील, वीआईपी सिक्यूरिटी से न हटाया जाए हमें

सीआरपीएफ सुरक्षागार्ड

नई दिल्ली। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का नाम सुनते ही एक ऐसे बल की छवि दिमाग में बनती है जो अपने दायित्व और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाना जाता है लेकिन आज जो अपील सीआरपीएफ की तरफ से की गई उसे जानकर आपका दिल थोड़ा पसीज जाएगा क्योंकि सीआरपीएफ ने केंद्र से खास गुजारिश की है कि उसे वीआईपी की सुरक्षा में तैनाती से ना हटाया जाए इसलिए कि कर्मियों के लिए वही एक सॉफ्ट ड्यूटी है।





सीआरपीएफ की वीआईपी ड्यूटी के अलावा जवानों को कश्मीर, लेफ्ट चरमपंथ के इलाकों या उत्तरपूर्वी राज्यों जैसे कठिन लाइफस्टाइल वाले इलाकों में पोस्टिंग मिलती है। गृह मंत्रालय को लिखे पत्र में सबसे बड़े अर्धसैनिक बल CRPF ने कहा है कि उसे देशभर में वीआईपी सुरक्षा का अच्छा अनुभव है और बल का 30 फीसदी भाग स्पेशलिस्ट वीआईपी सिक्यूरिटी फोर्सेज- स्पेशल प्रोटेक्शन फोर्स (SPG) और नेशनल सिक्यूरिटी फोर्स (NPG) में तैनात है।

CRPF फिलहाल देश के तकरीबन 75 वीआईपी को सुरक्षा मुहैया करवाती है। सीआरपीएफ ने कहा है कि उसकी 4 बटालियन वीआईपी सिक्यूरिटी यूनिट का हिस्सा हैं, जिसमें लगभग 4,000 कर्मी हैं। सीआरपीएफ के मुताबिक इनके लिए बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है, जिसमें इनका ट्रेनिंग सेंटर भी है। इन्हें हटाए जाने की स्थिति में पूरा बुनियादी ढांचा खत्म हो जाएगा।

मालूम हो कि पिछले माह सरकार ने यह तय किया था सीआरपीएफ और ITBP के हाथों से वीआईपी सुरक्षा की जिम्मेदारी वापस ली जाएगी और यह कार्य सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्यूरिटी फोर्स यानी CISF को सौंपा जाएगा। सीआरपीएफ इस व्यवस्था को खत्म करने के विरुद्ध है और सरकार से इसे जारी रखने की मांग की है। वहीं आईटीबीपी को इससे कोई परेशानी नहीं। आईटीबीपी के हाथों में फिलहाल 17 वीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, जिसमें जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती भी शामिल है।

CRPF ऑफिसर ने कहा कि हमारे आदमी मुश्किल हालात में नॉर्थईस्ट के इलाकों में काम करते हैं, जहां हालात ये है कि न बिजली मिलती है और न फोन ठीक से काम करता है। हमें वहां ड्यूटी पर तैनाती नहीं मिलती, जहां जीवन थोड़ा आसान है और हम अपने परिवारों के नजदीक रह सकें।

बहरहाल, इतने दुनिया के सबसे बड़े अर्धसैनिक बलों के लिए VIP ड्यूटी ही एक सॉफ्ट पोस्टिंग है। जानकारों के मुताबिक गृह मंत्रालय सीआरपीएफ की इस मांग से सहमत है और वीआईपी ड्यूटी से हटाए जाने का फैसला वापस लिया जा सकता है।

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