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CISF स्थापना दिवस: अब और आधुनिक बनेगा अर्धसैनिक बल सीआईएसएफ

CISF के कार्यवाहक महानिदेशक आलोक कुमार

नई दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल अगले साल अपने स्थापना के अर्धशतक यानी 50वें वर्ष में पहुंच जाएगा। खास बात यह है कि बदलते परिवेश के साथ बल में भी बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। CISF के कार्यवाहक महानिदेशक आलोक कुमार का कहना है कि देखा जाए तो बल अपने आप में परिपूर्ण है। लेकिन इसके बावजूद परिवर्तन के तौर पर जवानों को ज्यादा दक्ष बनाए जाने के साथ ही उन्हें आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत भविष्य का खाका भी तैयार कर लिया गया है। बेहतर प्रदर्शन के लिए बल के सदस्यों को बहुआयामी प्रशिक्षण दिया जाएगा और स्वदेशी प्रौद्योगिकी का ज्यादा इस्तेमाल करने पर बल होगा।





महानिदेशक आलोक कुमार ने शुक्रवार को CISF के 49वें स्थापना दिवस सीजीओ कम्पाउंड स्थित CISF हेडक्वॉर्टर में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि बल की शुरुआत सिर्फ 3,129 जवानों की संख्या के साथ हुई थी जिसमें सीआईएसएफ ने संवेदनशील इकाइयों को सेफ्टी प्रदान करना आरंभ किया था। वर्तमान में बल के जिम्मे दिल्ली मेट्रो और IGI सहित देशभर के प्रमुख 59 एयरफोर्ट की सुरक्षा सहित प्रमुख सरकारी इमारतों, परमाणु संस्थान, ऐतिहासिक इमारतें, अंतरिक्ष केंद्र और वीवीआई सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि अन्य इकाइंयां तो अहम हैं ही, पर दिल्ली मेट्रो और आईजीआई एयरपोर्ट की पुख्ता सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है।

सीआईएसएफ

दिल्ली मेट्रो में प्रतिदिन लाखों की तादाद में यात्री पहुंचते हैं। वहीं, दिल्ली में होने के कारण आईजीआई एयरपोर्ट अति संवेदनशील है। वहां की जरूरतों के अनुसार जवानों को ट्रेन्ड किए जाने के अलावा उन्हें उन्नत तकनीक से लैस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्र सहित नॉर्थ ईस्ट राज्यों में भी सीआईएसएफ के जवान तैनात हैं। जहां पिछले वर्षों में जवानों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। इस वर्ष जनवरी तक 1,033 अपराधी पकड़े गए जबकि 12 लाख की संपत्ति बरामद की गई। वहीं, जवानों ने एयरपोर्ट पर 16 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ को जब्त किया। और यही नहीं दिल्ली मेट्रो में 14 सौ से अधिक जेबकतरे पकड़े जाने के साथ ही बल ने 166 गुमशुदा बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया।

महिला यात्रियों की सेफ्टी के मद्देनजर उन्होंने बताया कि बल में महिलाकर्मियों की सहभागिता बढ़ाने की कोशिश जारी है। फिलहाल बल में 5.4 फीसदी महिलाकर्मी शामिल है। महिला सुरक्षाकर्मी एयरपोर्ट और मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही हैं।

अतिरिक्त महानिदेशक (एयरपोर्ट सेक्टर) एमए गणपति ने बताया कि एयरपोर्ट की सिक्यूरिटी के साथ बल की यह कोशिश होती है कि यात्रियों को जांच के दौरान परेशानी न हो। जवानों को शरीर में पहने जाने वाले बॉडी वर्न कैमरे प्रदान किए गए हैं। इनमें वीडियो रिकॉर्डिंग सहित फोटो और ऑडियो सिस्टम भी है। CISF मुख्यालय ऐसे 494 कैमरे खरीदेगा और उन्हें जल्द ही सभी 59 एयरपोर्ट को सौंपा जाएगा।

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