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CISF ने ‘महिला’ कांस्टेबल को मान लिया पुरुष

सीआईएसएफ

नई दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने पहले महिला रहे एक कांस्टेबल को आधिकारिक रूप से पुरुष मान लिया है और नौकरी बहाल रखी है। पैरामिलिट्री फोर्सेज में किसी महिला को ऑफिशियली पुरुष मानने का ये मौका अलग सा है। पुरुष कांस्टेबल पहले महिला कांस्टेबल थे। 2008 में सीआईएसएफ में आए। दिल्ली मेट्रो में काम करते थे फिर करीब 6 साल पहले उन्होंने सेक्स चेंज कराया और पुरुष बन गए। इसके पहले उन्होंने मुख्यालय को सूचना भी दे डाली थी।





अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार, इसके बाद सीआईएसएफ के सामने संकट था। असल में वो तय नहीं कर पा रहे थे कि उनकी ड्यूटी महिला पुलिसकर्मी के साथ लगाई जाए या पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ। उन पर कोई एक्शन नहीं लिया जा सकता था। फरवरी में मेडिकल बोर्ड बैठा, जिसमें सीआईएसएफ अफसरों के अलावा सीआरपीएफ और AIIMS की मेडिकल टीम थी। उन्होंने जांच की और मेडिकली ये माना गया कि वो पुरुष हैं। इस तरह से चार साल से चल रही अनिश्चितता की स्थिति खत्म हुई।

सीआईएसएफ के महानिदेशक (डीजी) ओपी सिंह ने कहा कि हमारे द्वारा स्थापित मेडिकल बोर्ड के बाद हमने गृह मंत्रालय को इसे लेकर सूचित किया कि कांस्टेबल पुरुष है। उनको अब पुरुष मानकर यूनिट मुख्यालय में क्लर्क वाला काम दिया गया है।

उन्होंने अखबार को खुद ही बताया कि बचपन में घर में सबसे छोटा होने की वजह से लड़के की तरह रखा जाता था। अगर भारत में सेम सेक्स शादी हुआ करती तो मैं कभी लिंग परिवर्तन ना कराती। वो मूल रूप से बिहार से हैं और शुरू से ही किसी आदमी से शादी करना नहीं चाहते थे इसलिए सीआईएसएफ में जॉब लगने के बाद उन्होंने तय किया कि उनको लौटकर घर नहीं जाना है वरना घर वाले उन पर शादी का जोर डालेंगे।

आखिरकार उन्होंने सभी की बातों को दरकिनार करते हुए आज से 6 साल पहले ऑपरेशन के बाद एक महिला सहकर्मी से शादी रचा ली और वो भी पूरे मर्दाना रूप में मूंछों के साथ। प्राइवेसी के कारण उनकी पहचान गोपनीय रखी गई है।

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