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NSG-CISF को मिल सकता है UAV मार गिराने का अधिकार

नई दिल्ली। एनएसजी और केंद्रीय औद्यौगिक बल (CISF) को खतरा महसूस होने पर किसी भी संदिग्ध ड्रोन या ग्लाइडर्स जैसे UAV (unmanned aerial vehicle) यानी मानवरहित विमान को मार गिराने की शक्तियां जल्द ही मिल सकती हैं। गृह मंत्रालय इस पर एक पॉलिसी बनाने पर विचार कर रहा है जिसमें इन दोनों बलों को इस प्रकार का सामान मुहैया कराया जाएगा जिससे वे ड्रोन आदि की पहचान कर उन्हें नष्ट कर सकें। सुरक्षाबलों को इस तरह के किसी भी मानवरहित ऑब्जेक्ट या उपकरण को मार गिराने की ट्रेनिंग दी जाएगी।





इस माह हो सकती है घोषणा 

केन्द्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने हाल ही में वायुसेना नागरिक उड्डयन मंत्रालय व केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के अधिकारियों के साथ एक बैठक में विचार किया। सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों का कहना है कि ये ड्राफ्ट लगभग तैयार है और सरकार इस माह इसकी घोषणा कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि दोनों सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे संभावित खतरों से निपटने के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिस्टम से लैस आवश्यक रक्षा उपकरण दिए जाएंगे। इन उपकरणों में रेडार, फ्रीक्वेंसी डिटेक्टर और जैमर लगे होंगे, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसी भी तरह का आतंकवादी हमला सफल न हो पाए। खासकर एयरपोर्ट और बॉर्डर एरिया के आसपास खास सावधानी बरती जाएगी। बता दें कि अभी संदिग्ध ड्रोन या किसी अन्य संदिग्ध उपकरण के उड़ने दिखने पर इनसे होने वाले संभावित खतरों से निपटने के लिए सरकार और सुरक्षाबलों के पास कोई नीति नहीं है।

ई-पालिसी में रखा जाएगा लाइसेंस का प्रावधान

गौरतलब है कि पिछले दिनों भारत सीमाओं के नजदीक और हवाई अड्डों के आस पास कई ड्रोन मडराने की घटनाएं हुईं थीं। अभी तक ऐसा कोई क़ानून नहीं है जिसके तहत इन पर कार्रवाई का प्रावधान हो। इस नई नीति में मानवरहित विमानों के लिए लाइसेंस का भी प्रावधान है। जिससे महत्वपूर्ण स्थानों की निगरानी की जा सकेगी। हालांकि ड्रोन को उड़ाने के लाइसेंस की क्या शर्तें रखी जाएंगी ये अभी खुलासा नहीं हुआ है।

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