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गढ़चिरौली एनकाउंटर की सफलता में C-60 कमांडो का योगदान, 72 घंटो में 37 नक्सली हुए ढेर

नक्सली
मुठभेड़ के दौरान नक्सली (सौजन्य- गूगल)

मुंबई। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में 72  घंटों में नक्सलियों को मौत के घाट उतारने वाले C- 60 कोबरा कमांडो का अब तक का यह सबसे सफल अभियान रहा है। बता दें कि कोबरा कमांडो की दो टीमों ने पुलिस के साथ मिल कर इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया।





‘न्यूज 18’ की वेबसाइट के मुताबिक C- 60 कमांडो एक साथ घने जंगलों में गश्त लगा रहे थे। कमांडो के साथ गढ़चिरौली पुलिस के अधिकारी भी थे। सभी हथियारों से लैस एक बड़े ऑपरेशन के लिए निकले थे। खुफिया विभाग और C- 60 कमांडो को सटीक जानकारी मिली थी कि भामरागढ़ के एक स्थान पर 50 से 70 नक्सलियों ने डेरा जमा रखा है। यह सूचना इतनी सटीक थी कि C- 60 कमांडो को यह पता था कि अगर यह अभियान सफल हुआ तो एक साथ 40-50 नक्सली मारे जाएंगे।

21 अप्रैल की शाम इस पूरे ऑपरेशन में सटीक इंटिलिजेंस इनपुट का काफी अहम रोल रहा। कमांडो को मिली जानकारी के अनुसार नक्सलियों की गढ़चिरौली के आस-पास बड़ी संख्या में मूवमेंट है। लेकिन पुलिस और कमांडो को सही लोकेशन मालूम नहीं था। जानकारी मिलने से C- 60 कमांडो की दो यूनिट और गढ़चिरौली पुलिस 21 की रात को ही जंगलों में निकल गए थे। सुबह तक पुलिस और C-60 कमांडो के हाथ कोई सुराग नहीं लगा था। एक पल को पुलिस और कमांडो को लगा कि जानकारी गलत थी।

तभी सुबह 8 बजे C- 60 कमांडो को जानकारी मिलती है कि भामरागढ़ में 50-60 लोगों के लिए नाश्ता भेजा जा रहा है। इस जानकारी के बाद पुलिस ने अपने खबरियों से जानकारी प्राप्त की तो पता चला की यह नाश्ता नक्सलियों के लिए ही भेजा जा रहा था। सही जानकारी, सटीक लोकेशन मिलने के बाद C- 60 कमांडो और पुलिस भामरागढ़ के लिए रवाना हो गए।

पुलिस के खबरियों ने साफ किया कि नाश्ता मांगवाने वाले कोई और नहीं बल्कि नक्सली ही हैं क्योंकि उनके पास काफी हथियार हैं। जिसके बाद C- 60 कमांडो ने पहला Unbarrel Granade Launcher (UBGL) को फायर किया। यूबीजीएल C- 60 कमांडो का एक ऐसा अहम हथियार होता है जो एक साथ 30-40 लोगों का खात्मा एक ही झटके में कर सकता है। यूबीजीएल जमीन पर विस्फोट के बाद 40 मीटर तक की रेंज में सब कुछ तबाह कर देता है।

पहला यूबीजीएल फायर करने के बाद नक्सलियों की तरफ से अंधाधुंध फायरिंग प्रारंभ हो गई, जिसके बाद कमांडो और पुलिस ने नक्सलियों पर जवाबी कार्रवाई की। जिसमें 31 नक्सली वहीं ढेर हो गए। हमला इतना तेज था कि नक्सलियों को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। पुलिस के अनुसार जहां पर यह एनकाउंटर हुआ वहां एक नदी है जो महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सीमा है। इतने बड़े हमले के बाद कुछ नक्सली नदी में कूद कर फरार भी गए थे। ऑपरेशन के बाद दूसरे ही दिन यानी 23 अप्रैल को C- 60 कमांडो ने एक और एनकाउंटर में 6 और नक्सलियों को मार गिराया। यानी 72 घंटों में C- 60 कमांडो और गड़चिरौली पुलिस ने 37 नक्सलियों को मार गिराया।

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