BSF

बॉर्डर पर दुश्मन के छक्के छुड़ाने वाला BSF जवान गांव जाने से डरता है

बीएसएफ जवान अजय सिंह

सहारनपुर। देश की रक्षा की खातिर मुस्तैद BSF जवान ने हाल ही में पुलिस के रवैये से परेशान होकर हथियार  उठाने की चेतावनी दी थी और अब सहारनपुर पुलिस-प्रशासन के व्यवहार से परेशान BSF जवान अजय सिंह ने लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि मुझे सीमा पर दुश्मनों से डर नहीं लगता, लेकिन गांव आने में डर लग रहा है।





जवान ने लखनऊ में की प्रेस कांफ्रेंस 

रविवार को लखनऊ के यूपी प्रेस भवन में BSF जवान के साथ पत्रकारों से वार्ता करते हुए बीएसएफ कमांडेंट तथा जय हिंद सेवा संस्थान की अध्यक्ष भारती यादव ने चेतावनी दी है कि, यदि जवान को न्याय न मिला तो वह सहारनपुर में धरना-प्रदर्शन तो करेंगी ही, कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगी। उन्होंने कहा कि पांच जनवरी को सहारनपुर में लेखपाल राजकुमार तथा गंगोह पुलिस द्वारा अमानवीय व्यवहार किया गया था। यही नहीं जवान के पिता व भाई को बिना किसी कारण ही 26-28 दिन जेल में रहना पड़ा।

BSF जवान अजय सिंह के मुताबिक एसओ गंगोह से जब फोन पर बात की गई तो उन्हें जेल भेजने की धमकी गई। अब ग्राम प्रधान झूठा मुकदमा लिखवाने की तैयारी कर चुका है, लेकिन सहारनपुर पुलिस उसके खिलाफ कुछ कार्रवाई नहीं कर रही। जवान ने कहा कि पुलिस की वजह से ही मैं अपने नवजात बेटे का चेहरा तक नहीं देख सका और वह दुनिया से चल बसा। वहीं भारती यादव ने पत्रकारों से कहा कि, सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अजय को मिलने के लिए बुलाया है।

 ये था मामला 

जवान ने हाल ही में एक वीडियों जारी कर अपनी व्यथा सुनाई थी जिसमें जवान के मुताबिक पुलिस ने पट्टे की जमीन पर लहलहाती फसल पर ट्रैक्टर चलवाकर कब्जा करवा दिया। मेरे बुजुर्ग पिता को पीटा और तमाम धाराएं लगाकर जेल भेजा गया। कॉलेज में पढ़ने वाली बहनों को वांछित कर दिया। पुलिस ने दबंगई दिखाते हुए तोड़फोड़ की। वीडियो में जवान ने ग्राम प्रधान पर भी आरोप लगाए हैं। वीडियो में जवान ने कहा कि आखिर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही ? हमारी सुनवाई क्यों नहीं की जा रही ?

रक्षक की राय : यह वाकई  अजीब और हैरत में डालने वाली बात की सरहद की रखवाली  करने वाले जवानों को अपने घर-गांव और जिले में न्याय नहीं मिलता। सहारनपुर के BSF जवान से जुड़ी यह घटना जिला पुलिस-प्रशासन के लिए शर्मनाक है। पूरे देश में सेना तथा सशस्त्र  बलों के जवानों के साथ घटित हो रहे ऐसे मसलों पर केंद्र व् राज्य सरकारों को तत्काल ध्यान देना होगा।

Comments

Most Popular

To Top