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रेगिस्तान, दलदल, सांप और बिच्छुओं से यूं पार पाते हैं BSF के जवान, जानें 11 खास बातें

सीमा सुरक्षा बल को भारत की पहली रक्षा पंक्ति कहा जाता है। पाकिस्तान और बांग्लादेश की लंबी सीमा की रक्षा करते हैं बीएसएफ के जवान। इन जवानों को घुसपैठियों से ही नहीं मौसम से भी मुकाबला करना होता है। बर्फीले पहाड़ों, तपते रेगिस्तान, दुर्गम जंगलों और कच्छ की दलदली जमीन पर तैनात बीएसएफ जवानों को खतरनाक कीड़ों, सांपों और बिच्छुओं से भी दो-चार होना पड़ता है। कहीं बर्फीली हवाओं तो कहीं गर्म रेतीली आंधियों के बीच बीएसएफ के जवान तमाम बाधाओं की परवाह किए बिना 24 घंटे सीमा की पहरेदारी करते हैं। बीएसएफ जवानों के हौंसलों और जज्बे की जितनी तारीफ की जाए कम है। आइए आज जानते हैं किन विषम परिस्थितियों में अपना कर्तव्य निभाते हैं बीएसएफ जवानः





तूफान के सवार 

राजस्थान के रेगिस्तान में भारत-पाकिस्तान सीमा पर ऊंट बीएसएफ के जवान के महात्वपूर्ण सहारे के रूप में अपनी भूमिका निभाता है। मीलों लम्बे रेगिस्तान में निगरानी के लिए रेगिस्तान के तूफ़ान से बेहतर कोई और जानवर काम नहीं आ सकता।

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