BSF

मेरा ट्रायल सही तरीके से नहीं किया गया : तेजबहादुर

जवान-तेजबहादुर-यादव

नई दिल्ली। बीएसएफ की छवि खराब करने के आरोप में बुधवार को बर्खास्त किए गए तेजबहादुर यादव आज (20 अप्रैल) अपने घर रेवाड़ी पहुंचेंगे। तेजबहादुर ने कहा कि वह इस मामले को लेकर सरकार से अपील करेंगे, अगर सरकार बात नहीं सुनती है तो कोर्ट जाएंगे। तेजबहादुर कोर्ट में वर्दी पहनकर ही अपने इन्साफ की लड़ाई लड़ेंगे। तेजबहादुर ने कहा, ‘वह अपनी सैलरी में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं चाहते हैं, बल्कि वह चाहते हैं कि बस जवानों को अच्छा खाना मिले और समय पर छुट्टियां मिलती रहे।’ उसने कहा कि वह कोशिश करेगा कि इस मसले पर प्रधानमंत्री मोदी से मिले।





‘…सीधा बर्खास्त कर दिया गया’

तेजबहादुर-की-पत्नी

तेजबहादुर की पत्नी ने कहा कि हमें पूरे देश और रेवाड़ी से काफी समर्थन (फाइल फोटो)

तेजबहादुर ने कहा कि पहले मुझे पेंशन और रिटायरमेंट के कागजात तैयार करने को कहा गया, लेकिन बाद में सीधा बर्खास्त कर दिया गया। अब मुझे किसी भी प्रकार की पेंशन या रिटायरमेंट का फायदा नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि मेरा ट्रायल सही तरीके से नहीं किया गया, मैं अपने साथी को गवाह के तौर पर पेश करना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं हो सका। तेजबहादुर बोले कि मेरे वीडियो डालने के बाद खाने में काफी हद तक सुधार आ चुका है। मुझे लगा कि वे लोग मुझे मार देंगे, लेकिन मीडिया ने मेरी जान बचाई।

‘किसी मंत्री ने नहीं की मदद’

तेजबहादुर की पत्नी ने कहा कि हमें पूरे देश और रेवाड़ी से इस मुद्दे पर काफी समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि नेताओं ने हमारी उम्मीद को तोड़ा, वह केंद्रीय मंत्री इंद्रजीत राव से भी मिलीं। इंद्रजीत राव यहां से सांसद हैं, लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की।

जवान तेज बहादुर यादव के आरोप

तेज बहादुर यादव ने वीडियो में आरोप लगाया था कि बीएसएफ जवानों को मिलने वाली दाल और पराठे की क्वालिटी बेहद खराब है। उनका कहना था कि कई बार जवानों को 11 घंटे बर्फ में खड़ा रहने के बाद भूखे पेट सोना पड़ता है। तेज बहादुर का दावा था कि जवानों को मिलने वाले राशन में सीनियर अफसर धांधली कर रहे हैं। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जांच के आदेश दिए थे।

जानें BSF ने क्या सफाई दी ?

बीएसएफ ने गृह मंत्रालय को सौंपी गई शुरुआती रिपोर्ट में तेजबहादुर के आरोपों को सिरे से खारिज किया था। हालांकि, मामले की अंतिम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। लेकिन बीएसएफ ने गृह मंत्रालय को बताया है कि 29वीं बटालियन के किसी दूसरे जवान ने तेजबहादुर के आरोपों की तस्दीक नहीं की थी।

Comments

Most Popular

To Top