BSF

शहीद बृजेंद्र बहादुर सिंह को अंतिम विदाई

शहीद बृजेंद्र बहादुर सिंह

बलिया। जम्मू-कश्मीर में देश की रक्षा करते शहीद हुए बलिया के लाल बृजेंद्र बहादुर सिंह को शनिवार को अंतिम विदाई दी गई। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान बृजेंद्र बहादुर शुक्रवार तड़के अरनिया सेक्टर में पाकिस्तानी गोलीबारी का मुकाबला करते हुए शहीद हो गए थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने बृजेंद्र बहादुर के परिवार को आर्थिक सहायता देने और बलिया में उनके नाम पर स्मारक बनाने की घोषणा की है। शहीद बृजेंद्र के पिता अशोक कुमार सिंह को गर्व है कि उनका बेटा देश की रक्षा करते हुए शहीद हुआ। उनका कहना है कि अब वे अपने पोतों को देश के लिए तैयार करेंगे।





दो माह पहले ही अरनिया में हुई थी तैनाती

बलिया जिले के बांसडीह तहसील के नारायणपुर के रहने वाले शहीद बृजेंद्र सिंह का कुछ अर्सा पहले ही जोधपुर से अरनिया ट्रांसफर हुआ था। वह वर्ष 2005 में 192 बटालियन में भर्ती हुए थे। बृजेंद्र बहादुर अरनिया सेक्टर में अग्रिम चौकी पर बाड़ के पास तैनात थे। गुरुवार-शुक्रवार की रात बारह बजे के बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। पाकिस्तानी सेना ने मोर्टार दागे और गोलीबारी शुरू कर दी। भारतीय सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान का कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया। इसी गोलीबारी का मुकाबला करते हुए बृजेंद्र के पेट में गोली लगी। अस्पताल ले जाते वक्त उन्होंने दम तोड़ दिया।

इकलौते पुत्र थे बृजेंद्र

32 वर्षीय शहीद बृजेंद्र अपने पिता के इकलौते पुत्र थे। उनके पिता अशोक सिंह गांव में ही खेती-बाड़ी करते थे। उनके परिवार में माता-पिता के अलावा पत्नी सुष्मिता सिंह और दो बेटे हैं। शुक्रवार सुबह पांच बजे उनके घर बृजेंद्र की शहादत की खबर पहुंची। परिवार ही नहीं पूरा गांव शोक में डूब गया। परिजनों का तो रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बृजेंद्र की मां ने बताया, गुरुवार की रात को बृजेंद्र ने फोन किया था और घर का हालचाल लिया था।

पिता अशोक सिंह को गर्व है कि उनके बेटे ने देश की रक्षा के लिए बलिदान दिया। अशोक सिंह कहते हैं कि अब वे अपने पोतों को देश की सेवा के लिए तैयार करेंगे।

अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

शनिवार को शहीद बृजेंद्र बहादुर सिंह की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ आया। उत्तर प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने घोषणा की कि बलिया में शहीद बृजेंद्र की स्मृति में स्मारक बनाया जायेगा। उन्होंने गांव का मुख्य द्वार शहीद बृजेंद्र के नाम पर बनाने की घोषणा की। एक खेल का मैदान भी शहीद बृजेंद्र के नाम पर रखने का ऐलान किया। राज्य सरकार ने शहीद के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला भी किया है।

 

Comments

Most Popular

To Top