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तनुश्री पारीक : बीएसएफ की पहली महिला असिस्टेंट कमांडेंट

तनुश्री पारीख

ग्वालियर। 18 के बजाय 15 सेकण्ड में 100 मीटर दौड़ लगाने वाली तनुश्री ने आज टेकनपुर स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद देश की पहली महिला असिस्टेंट कमांडेंट बनने का गौरव प्राप्त किया। उन्होंने बीएसएफ अकादमी में अधिकारियों के 40वें बैच में बतौर सहायक कमांटेंड 52 हफ्तों का प्रशिक्षण लिया। अब वह सीमा पर ऑपरेशनल ड्यूटी के लिए तैयार है। उसे बीएसएफ में जाने की प्रेरणा फिल्म ‘बार्डर’ से मिली। तनु में नेतृत्व के गुण बचपन से ही थे। वह एनसीसी में रही और फिर उसे गृह जिले बीकानेर में ‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ अभियान का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया।





असिस्टेंट कमांडेंट तनुश्री

  • तनुश्री पारीक राजस्थान में बीकानेर की रहने वाली हैं। वह बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही सेना में जाने की ललक थी और स्कूल टाइम में उन्होंने एनसीसी में हिस्सा लिया था।
  • तनुश्री ने टेकनपुर स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड में देश की पहली महिला अधिकारी (असिस्टेंट कमांडेंट) के रूप में हिस्सा लिया।
  • उन्होंने बीएसएफ अकादमी में अधिकारियों के 40वें बैच में बतौर सहायक कमांटेंड 52 हफ्तों का प्रशिक्षण लिया था।

टेकनपुर स्थित बीएसएफ अकादमी में 70 दिन तक लगातार चलने वाली कमांडो ट्रेनिंग में कड़े संघर्ष के बाद शनिवार को 50 अफसर बीएसएफ में शामिल हो गये। ‘ताकत वतन की हम से है और हम है वतन के रखवाले’ धुन पर दीक्षांत परेड का मार्च पास्ट हुआ और देश के 50 यूथ बॉर्डर सिक्यूरिटी फोर्स के कमीशंड अफसर बन गए। इस दीक्षांत परेड की सलामी गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ली। इसके साथ इस परेड के साक्षी बने, इन यूथ के माता-पिता, जिन्होंने अपने हाथों से बेटे को अफसर रैंक वाले स्टार कंधे पर लगाए।

बीएसएफ को मिले 50 से ज्यादा असिस्टेंट कमांडेंट

एक साल से ज्यादा की कड़ी ट्रेनिंग और तरीके से दुश्मन से निपटने के गुर सीखने के बाद शनिवार को बीएसएफ अकादमी के ग्राउंड में 50 से ज्यादा यूथ कदम से कदम मिलाते हुए पहुंचे, तो उनका जोश देखते ही बनता था। ये यूथ बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट बन चुके थे और इसी दीक्षांत परेड की सलामी लेने के लिए देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह विशेष तौर से शामिल हुए।

इस परेड की खास बात यह भी थी कि इस बार एक लेडी अफसर भी शामिल हुई। यह बीएसएफ के इतिहास में पहला मौका था, कोई महिला कमीशंड अफसर बनी है।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने तनुश्री के अधिकारी बनने पर कहा, “इस बात की खुशी है कि बीएसएफ को पहली फील्ड ऑफिसर मिली है। उम्मीद करता हूं कि और भी महिला अधिकारी आएंगी, जो सीमाओं की सुरक्षा करेंगी। सेना और अर्धसैनिक बलों में महिला अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी का बेहतर तरीके से निर्वहन कर रही हैं।”

इस परेड के बाद देश के कई प्रदेशों से आए 50 युवक असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में देश की सीमाओं की रक्षा की रक्षा शपथ लेते हुए देश की सेवा में पहला कदम रखा। यह इस रैंक के अफसरों का 40वां बैच था और अभी तक टेकनपुर अकादमी में 8 हजार से ज्यादा अफसर ट्रेनिंग ले चुके हैं।

परेड पूरी होते ही खुश हुए पेरेंट्स

जैसे ही इन युवाओं ने दीक्षांत परेड पूरी की, तो उनके माता-पिता की आंखों से खुशी छलक पड़े। आखिर उनका लाड़ला कड़े प्रशिक्षण के बाद बीएसएफ में अफसर जो बन गया था। यह खुशी उस समय और दोगुनी हो गई, जब कई युवा अफसरों के कंधे पर स्टार लगाने का सौभाग्य माता-पिता को मिला। अपनी खुशी का इजहार दीक्षांत परेड के बाद जोर से जयघोष करके अफसरों ने किया।

पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगने वाली भारतीय सीमा को जल्दी ही सील कर दिया जाएगा : गृहमंत्री

गृहमंत्री ने इस मौके पर बताया कि सरकार ने तय किया है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगने वाली भारतीय सीमा को जल्दी ही सील कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए योजना बन चुकी है और सीमाएं सील करने में नयी टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस प्रकार से सीमाओं पर घुसपैठ होती है और देश में आंतकी घटनाएं होती हैं, उसमें बीएसएफ की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अब युवा अफसरों के ऊपर इन चुनौतियों से निपटने की ज्यादा जिम्मेदारी है।

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