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BSF से बर्खास्तगी के बाद तेजबहादुर ने कहा, अब कोर्ट जाऊँगा

नई दिल्ली: कश्मीर में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान तेज बहादुर यादव को बर्खास्त कर दिया गया है। कुछ महीने पहले उसने खाने की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद सरकार ने इस मामले पर विस्तृत जांच के आदेश दिए थे। तेज बहादुर को पत्नी शर्मीला यादव ने रक्षकन्यूज.कॉम से बातचीत में बताया कि उनके पति को बर्खास्त कर दिया गया है। शर्मीला ने इसे नाइंसाफी बताते हुए कहा कि ये सुरक्षाबलों में जाने वालों के लिए हतोत्साहित करने वाला निर्णय है। तेज बहादुर ने कहा कि बर्खास्तगी के खिलाफ मैं कोर्ट जाऊँगा।





जांच में तेज बहादुर की मिली गलती

बीएसएफ ने तेज बहादुर को बल की छवि खराब करने का दोषी पाया है। बीएसएफ के मुताबिक, तेज बहादुर को बीएसएफ पर झूठे आरोप लगाने और अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया है और इसी वजह से उसे बर्खास्त किया गया है। बीएसएफ के मुताबिक, कोर्ट ऑफ इंक्वॉयरी में यह बात सामने आई कि जिन भी जवानों से पूछताछ की गई, उनमें से किसी ने भी खराब खाना परोसे जाने की शिकायत नहीं की।

बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘जवानों की बर्खास्तगी की कार्रवाई को सीमा सुरक्षा बल अधिनियम के तहत लिया गया है जो अर्धसैनिक बल में सेवा करने वाले सभी कर्मियों पर लागू होता है।’’

मुझे बात नहीं रखने दी गई, कोर्ट जाऊंगा: तेज बहादुर

बीएसएफ से बर्खास्त किए जाने के बाद एक समाचार चैनल से बातचीत में तेज बहादुर ने कहा कि मुझे अपनी बात रखने का मौका ही कहां दिया गया। मुझे इतने दिनों तक गिरफ्तार करके रखा गया। मैंने उच्च स्तर पर भी शिकायत की लेकिन हर जगह से मुझे निराशा ही मिली। कहीं सुनवाई नहीं हुई। मुझे बर्खास्त करने में भी नियमों का ध्यान नहीं रखा गया। मैं बर्खास्तगी के खिलाफ कोर्ट जाऊंगा। उन्होंने कहा कि मुझे सोशल मीडिया पर वीडियो डालने के असर की जानकारी नहीं थी। मैं तो भ्रष्टाचार के खिलाफ पीएम मोदी की मुहिम का हिस्सा बनना चाहता था।

2032 में होते रिटायर

तेज बहादुर यादव 2032 में रिटायर होने वाले थे लेकिन उससे पहले ही बीएसएफ ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया। इससे पहले बीएसएफ ने यादव की उसके खिलाफ जांच पूरी न होने का हवाला देते हुए वीआरएस की अर्जी ठुकरा दी थी। 42 वर्षीय यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के रहने वाले हैं। वो 1996 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। जब उनके वीडियो सामने आए थे उस समय उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर स्थित राजौरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट थी।

तेज बहादुर

बर्खास्तगी की प्रक्रिया के बाद अपना यही सामान लेकर घर लौटा तेज बहादुर

तेज बहादुर मामला : अब तक क्या-क्या हुआ 

  • जम्मू के पुंछ में लाइन ऑफ कंट्रोल पर तैनात तेज बहादुर ने 9 जनवरी को सोशल मीडिया में वीडियो डालकर खराब खाना दिए जाने की शिकायत की थी
  • केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बीएसएफ से इस मामले की पूरी जांच करने को कहा था
  • बीएसएफ ने रिपोर्ट में तेज बहादुर के आरोप गलत पाए और उसके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की
  • जांच में यह भी पाया गया है कि तेज बहादुर लगातार गलतियां करता रहा है और उसे कई बार कड़ी सजा भी दी गई है
  • तेज बहादुर के खिलाफ बीएसएफ कोर्ट की कोर्ट ऑफ इनक्वायरी अभी भी चल रही है
  • 20 साल की सेवा के बाद तेज बहादुर ने सितंबर महीने में वीआरएस के लिए आवेदन किया
  • बीएसएफ ने 30 जनवरी को उनके वीआरएस को रद कर दिया
  • तेज बहादुर की पत्नी शर्मिला ने बीएसएफ पर उनके पति को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था
  • मामला कोर्ट में गया, कोर्ट ने बीएसएफ को आदेश दिया कि पत्नी को तेज बहादुर से मिलने दिया जाए

वीडियो में यह कहा था तेज बहादुर ने

“देशवासियों मैं आपसे एक अनुरोध करना चाहता हूं। हम लोग सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक, लगातार 11 घंटे इस बर्फ में खड़े होकर ड्यूटी करते हैं। कितना भी बर्फ हो, बारिश हो, तूफान हो, इन्हीं हालातों में हम ड्यूटी कर रहे हैं। फोटो में हम आपको बहुत अच्छे़ लग रहे होंगे मगर हमारी क्या सिचुएशन हैं, ये न मीडिया दिखाता है, न मिनिस्टर सुनता है। कोई भी सरकार आए, हमारे हालात वहीं हैं। मैं इसके बाद तीन वीडियो भेजूंगा जिसको मैं चाहता हूं कि आप दिखाएं कि हमारे अधिकारी हमारे साथ कितना अत्याचार व अन्याय करते हैं।”

जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है: वीडियो में तेज बहादुर

यादव वीडियो में यह भी दावा करता है, हम किसी सरकार के खिलाफ आरोप नहीं लगाना चाहते। क्योंकि सरकार हर चीज, हर सामान हमको देती है। मगर उच्च अधिकारी सब बेचकर खा जाते हैं, हमारे को कुछ नहीं मिलता। कई बार तो जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है। मैं आपको नाश्ता दिखाऊंगा, जिसमें सिर्फ एक पराठा और चाय होता है, साथ में अचार भी नहीं होता। दोपहर के खाने की दाल में सिर्फ हल्दी और नमक होता है, रोटियां भी दिखाऊंगा। मैं फिर कहता हूं कि भारत सरकार हमें सब मुहैया कराती है, स्टोर भरे पड़े हैं मगर वह सब बाजार में चला जाता है। इसकी जांच होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की थी अपील

तेज बहादुर ने आगे कहा कि, मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि इसकी जांच कराएं। दोस्तों यह वीडियो डालने के बाद शायद मैं रहूं या न रहूं। अधिकारियों के बहुत बड़े हाथ हैं। वो मेरे साथ कुछ भी कर सकते हैं, कुछ भी हो सकता है।

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