BSF

BSF जवान का ट्रांसफर, HC ने इंसानियत की सीख दी

दिल्ली-हाईकोर्ट

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सीमा सुरक्षा बल (BSF-बीएसएफ) से कहा कि वह उस जवान के प्रति थोड़ी दया दिखाए जो अपनी पत्नी के गर्भवती होने की वजह से ट्रांसफर रोकने का अनुरोध कर रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि नाखुश सुरक्षा बलों से खुशहाल काम की उम्मीद नहीं की जा सकती।





दरअसल, बीएसएफ के कांस्टेबल भूदेव सिंह ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अनुरोध किया था कि उसे नवंबर तक दिल्ली से शिलांग ट्रांसफर ना किया जाए, क्योंकि उनकी पत्नी गर्भवती है और उन्हें नवंबर तक बच्चा होने की उम्मीद है।

जस्टिस संजीव सचदेवा और एके चावला की पीठ ने सीमा सुरक्षा बल से कहा कि उनकी नियुक्ति कहीं और करके उनकी मदद करें। हाईकोर्ट ने कहा- ‘कुछ दया दिखाएं, आपके पास अगर नाखुश जवान रहेंगे तो आप खुशहाली के साथ काम नहीं कर सकते।’ बीएसएफ की तरफ से केंद्र सरकार के वकील संजीव नरूला पैरवी कर रहे थे। नरूला ने कहा कि इस बारे में शिकायतकर्ता का आवेदन अभी विचाराधीन है, इस पर कोर्ट ने कहा कि इस मसले को दो हफ्ते के भीतर निपटाएं और आगे 12 जुलाई को इस पर फिर सुनवाई की जाएगी।

भूदेव सिंह ने इस साल फरवरी में ही संबंधित विभाग में यह आवेदन किया था कि उसका अभी ट्रांसफर न किया जाए। याचिका में कहा गया है कि उसके निवेदन के बावजूद बीएसएफ ने 10 जून को आदेश दिया कि 25 जून तक उसका मेघालय ट्रांसफर किया जाए। भूदेव सिंह की पत्नी शिक्षक हैं और काफी समय तक दिल्ली में उनका आईवीएफ इलाज हुआ। उस दौरान भूदेव दिल्ली में ही पोस्टेड रहे। अब जब उनकी पत्नी गर्भवती हैं, तो उनका ट्रांसफर कर दिया गया।

Comments

Most Popular

To Top