BSF

BSF ने राष्ट्र रक्षा की जिम्मेदारी का पुन: संकल्प लेते हुए मनाया 55वां स्थापना दिवस

बीएसएफ जवान स्थापना दिवस के मौके पर

नई दिल्ली। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने राष्ट्र की रक्षा की जिम्मेदारी का पुन:  संकल्प लेते हुए अपना 55वां स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर बल ने अपने ध्यय वाक्य ‘जीवन पर्यंत कर्तव्य’ पर निरंतर चलते रहने का प्रण लिया।





समारोह के मुख्य अतिथि गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि भारत सरकार केंद्रीय सशस्त्र बलों को हर संभव सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। हर जवान साल में कम से कम 100 दिन परिवार के साथ रहे इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेरा बाबा नानक में करतारपुर कॉरिडोर बीएसएफ के कारण ही सुरक्षित है।

बल के महानिदेशक विवेक जोहरी ने सीमा सुरक्षा बल के एतिहासिक पहलुओं को प्रस्तुत करते हुए कहा कि किस तरह 25 बटालियनों का यह दल आज 192 बटालियनों वाले विशाल सीमा प्रबंधंन तंत्र के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने कहा कि सीमा पर घुसपैठ की कोशिशे लगातार हो रही हैं। पिछले दिनों हमने सीमा से सटे इलाकों में हमने ड्रोन से घुसपैठ को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।

खबर के मुताबिक विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र बल के सदस्यों तथा उनके परिवार जनों की भारी उपस्थिति वाली इस परेड में पधारने से पहले मुख्य अतिथि ने छावला स्थित बीएसएफ के ‘शहीद स्मारक’ पर गए और अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

बता दें कि बीएसएफ देश की 6,000 किमी से लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा जांबाज सीमा रक्षक बल है।

 

Comments

Most Popular

To Top