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सेवानिवृत्त होने वाले सैनिकों की अलग टुकड़ी तैयार कर अर्धसैनिक बलों को सौंपेगी सेना

नई दिल्ली।  भारतीय सेना कम उम्र में सेवानिवृत्त होने वाले सैनिकों के लिए एक पहल करने जा रही है। इस नई पहल से सेना जल्दी सेवानिवृत्त होने वाले जवानों को अर्धसैनिक बलों में उचित सम्मान दिलाने का प्रयास कर रही है। एक अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार इस प्रयास के तहत जो जवान अर्धसैनिक बलों में जाने के इच्छुक हैं सेना उनकी टुकड़ी बनाकर खुद अर्धसैनिक बलों को सौंपेगी।





रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार अर्धसैनिक बलों में दस फीसदी पूर्व सैनिकों की भर्ती का प्रावधान है। लेकिन सेवानिवृत्त होने के बाद भर्ती प्रक्रिया में जटिलता के कारण अर्धसैनिक बलों में पूर्वसैनिकों की हिस्सेदारी तीन-चार फीसदी से आगे नहीं बढ़ पा रही थी। अब इस नए तरीके से इस समस्या का समाधान हो सकेगा।

इस नई योजना के तहत 18 साल की सेवा के बाद रिटायर होने वाले तथा पैरामिलट्री में नौकरी करने के इच्छुक जवानों का सेना चयन करेगी और सेवानिवृत्त होने के पांच साल पहले ही एक अलग टुकड़ी बनाएगी। यह टुकड़ी सेना के लिए ही काम करेगी तथा सेवानिवृत्त होने के बाद इस टुकड़ी को अर्धसैनिक बालों को सौंप दिया जाएगा।

ये सभी टुकडियां BSF, CRPF,CISF आदि के  लिए अलग-अलग बनाई जाएंगी। इससे जवान सीधे अर्धसैनिक बल ज्वाइन कर सकेंगे और ताउम्र बल को अपनी सेवा दे सकेंगे। सेना के इस प्रस्ताव पर गृह मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है।

अभी तक सेवानिवृत्त होने के बाद सैनिकों को अर्धसैनिक बलों में शामिल होने के लिए भर्ती परीक्षा देनी पड़ती है। साथ ही भर्ती होने वाले रंगरूटों के साथ पूरी ट्रेनिंग करनी पड़ती है। जबकि बतौर सैनिक उनके पास बेहतर ट्रेनिंग होती है। इसलिए सेना चाहती है कि इन जवानों को तमाम औपचारिकता न करनी पड़ें  और उन्हें सीधे एंट्री मिले।

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