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स्वदेशी ‘घातक’ मिलने के बाद जवान और होंगे मारक

असाल्ट रायफल AK- 47 'घातक'

नई दिल्ली। चीन की सीमा पर निगरानी करने वाली आईटीबीपी हो या पाकिस्तान सीमा पर तैनात बीएसएफ, अब जवानों की मारक क्षमता पहले से कहीं ज्यादा होगी क्योंकि अब वे स्वदेशी असाल्ट रायफल ‘घातक’ से पूरी तरह लैस होंगे।





असाल्ट रायफल ‘घातक’ को पश्चिम बंगाल के रायफल फैक्ट्री ईशापुर में तैयार किया गया है। लंबे समय से चली आ रही अर्धसैनिक बलों और पुलिस के लिए ऑटोमैटिक रायफल की कमी अब दूर होने जा रही है। देश की बेहतरीन कंपनियों में से एक ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ने ‘घातक’ का देसी वर्जन घातक का निर्माण किया है। अभी फिलहाल यह स्वदेश निर्मित असाल्ट रायफल सिर्फ केरल और कर्नाटक पुलिस को दी गई थी। आईटीबीपी 600 घातक असाल्ट रायफल खरीद रहा है।

घातक रायफल की क्या है खासियतें:

  • आतंकवादियों पर निशाना लगाने और सीमा सुरक्षा में कारगर इस रायफल का वजन बिना मैगजीन के 3.08 किलोग्राम है, जबकि लंबाई 890 MM है।
  • यह असाल्ट रायफल प्रति मिनट 1,000 राउंड फायर कर सकता है और 500 मीटर की दूरी पर मौजूद दुश्मन पर बेहद सटीक निशाना लगाने में सक्षम।
  • ईशापुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में निर्मित यह स्वदेशी असाल्ट रायफल 7.62×39 MM की रायफल है।
  • गोली चलते समय आवाज न आए इसके लिए साइलेंसर भी लगाए जा सकते हैं।
  • बता दें कि इस रायफल की मैगजीन प्लास्टिक और मेटल से बनी हुई है। इसमें लेजर लाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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