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Special Report: चीन ने माना, अमेरिका के लिये भारत की अहमियत बढ़ी

पीएम मोदी और शी जिनपिंग

नई दिल्ली। तेजी से उभरते चीन को लेकर भारत और अमेरिका की चिंताएं समान हैं इसलिये अमेरिका के लिये भारत की अहमियत बढ़ गई है। इसके साथ ही आतंकवाद के खिलाफ युद्ध के साथी रह चुके पाकिस्तान अब अमेरिका की नजरों से गिर गया है।





चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र माने जाने वाले दैनिक ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने अपनी एक सम्पादकीय टिप्पणी में कहा है कि ऐसा लगता है कि अमेरिका की दक्षिण एशिया नीति पिछले कुछ सालों में काफी बदल चुकी है। जहां एक ओर अमेरिका ने पाकिस्तान को  30 करोड़ डालर की मदद रद्द करने का ऐलान किया वहीं अपने पूर्व राजनयिक जालमे खलीलजाद को अफगानिस्तान में अपना राजदूत बना कर भेजने का फैसला किया है जो अफगानिस्तान में पाकिस्तान की नीति के निंदक रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिका ने भारत के साथ लम्बे वक्त से विचाराधीन  कम्युनिकेशंस समझौता (कामकोसा) सम्पन्न कियाहै जिससे भारत और अमेरिका के बीच रक्षा औऱ सामरिक सहयोग औऱ गहरा होगा। ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि अमेरिका ने  अब  तक ऐसा समझौता कुछ खास चुनिंदा साथी देशों के साथ सम्पन्न किया है।

ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि ट्र्म्प प्रशासन ने अपनी राष्ट्रीय समर औऱ रक्षा नीति में संकेत दिया है कि उसका मुख्य ध्यान अब आतंकवाद के खिलाफ ल़ड़ाई  से हटाकर  प्रतिद्वंद्वी ताकतों से रिश्तों का प्रबंध करने  पर रहेगा। इसलिये जब अमेरिका की दक्षिण एशिया नीति का मुददा आता है तो हम देखते हैं कि अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों को नया स्वरूप दिया है।

अमेरिका की सामरिक नीति में बदलाव से अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में हम तनाव देख रहे हैं। पिछले साल तो राष्ट्रपति ट्रम्प ने पाकिस्तान को आतंकवाद की सुरक्षित शरणस्थली की संज्ञा दी और 1.1 अऱब डालर से अधिक की सुरक्षा मदद रोक दी।

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