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पीएम म्यांमार यात्रा: प्रगाढ़ होंगे दोनों देशों के संबंध

म्यांमार में पीएम मोदी

नेपेडा। ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी म्यांमार पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री 7 सितंबर को स्वदेश लौटेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी म्यांमार के राष्ट्रपति यू हतिन क्याव समेत कई नेताओं से मिलेंगे। इस दौरान वह एक कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे। कार्यक्रम यांगून के थुवाना स्टेडियम में होगा। वैसे यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री लगभग 15 कार्यक्रमों में भाग लेंगे।





प्रधानमंत्री श्वेदगॉन पगोड़ा और यांगून स्थित शहीदों की समाधि पर जाएंगे। श्वेदगॉन पगोड़ा लगभग ढाई हजार वर्ष पुराना है। गौतम बुद्ध की कई पवित्र निशानियां वहां मौजूद हैं। प्रधानमंत्री म्यांमार के प्रसिद्ध बौद्ध धार्मिक स्थल आनंद मंदिर भी जाएंगे।

प्रधानमंत्री के सम्मान में म्यांमार के राष्ट्रपति यू हतिन क्याव ने एक भोज का आयोजन किया है। प्रधानमंत्री मोदी सू ची से भी मिलेंगे।

जानकारों के मुताबिक प्रधानमंत्री की यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को और प्रगाढ़ करेगी। प्रधानमंत्री मोदी म्यांमार को भारत के करीबी दोस्त के रूप में देखते हैं। सामरिक दृष्टि से म्यांमार भारत के लिए बेहद अहमियत रखता है। भारतीय समुदाय को लिखी ईमेल में प्रधानमंत्री ने म्यांमार को मूल्यवान पड़ोसी और करीबी दोस्त बताया है। जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री की म्यांमार यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को नया मुकाम दे सकती है। इस यात्रा में कारोबार से लेकर सैन्य सहयोग तक तमाम मुद्दों पर वार्ता की संभावना है।

यह सही है कि पिछले पिछले कुछ वर्षों में चीन ने म्यामांर में अपना प्रभाव बढ़ाया है, लेकिन बीते दो वर्षों में भारत ने चीन के असर को कम करने में अहम सफलता पाई है। जुलाई महीने में म्यांमार के सेना प्रमुख जनरल यू मिन अंग ह्लियांग भारत यात्रा पर आए थे। भारत में उनका जबरदस्त स्वागत किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना प्रमुख से मुलाकात के बाद म्यामांर को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी को महत्वपूर्ण स्तंभ बताया था।

दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक अच्छी बात यह है कि म्यांमार की नई सरकार ने पिछले दो वर्षों में बहुत सकारात्मक रवैया दिखाया है। चाहे वह पूर्वोत्तर के आतंकियों का खात्मा करने की बात हो या सड़क, रेल नेटवर्क बनाने का भारतीय प्रस्ताव, म्यांमार ने पूरा समर्थन किया है।

 

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