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भारतीय मूल का उद्योगपति किर्गिस्तान में बना मेजर जनरल

शेख-रफीक-मोहम्मद

किर्गिस्तान के रक्षा विभाग में भारतीय मूल के एक उद्यमी ने शीर्ष ओहदा हासिल किया है। समाचार पत्र खलीज टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य एशियाई देश में आयोजित एक आधिकारिक समारोह में किर्गिस्तान के रक्षा मंत्री अली मिर्जा ने केरल से संबंध रखने वाले शेख रफीक मोहम्मद को मेजर जनरल के पद पर नियुक्त किया।

किर्गिस्तान के रक्षा विभाग में भारतीय मूल के एक उद्यमी ने शीर्ष ओहदा हासिल किया है। समाचार पत्र खलीज टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य एशियाई देश में आयोजित एक आधिकारिक समारोह में किर्गिस्तान के रक्षा मंत्री अली मिर्जा ने केरल से संबंध रखने वाले शेख रफीक मोहम्मद को मेजर जनरल के पद पर नियुक्त किया।





‘यह एक दुर्लभ सैन्य पद है’

ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी मलयाली को किसी अन्य देश के शीर्ष सैन्य नेतृत्व में शामिल किया गया है। रफीक के मीडिया सलाहकार उमर अबू बकर ने कहा है कि यह एक दुर्लभ सैन्य पद है जो एक प्रवासी मलयाली को मिला है। रफीक के पास किर्गिस्तान की भी नागरिकता है और वह साल 2005 से 2010 तक राष्ट्रपति कुर्मानबेक सेलियेविच बेकियेव के एक सलाहकार भी थे। राष्ट्रपति बेकियेव से उनकी मुलाकात ईरान में हुई थी, जहां यह युवा भारतीय उद्यमी एक बड़ा इस्पात संयंत्र का विकास कर रहा था।

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ईरानी लड़की से की शादी

रफीक ने केरल के एरावन्नूर के स्कूल से 7वीं तक पढ़ाई की। 20 साल की उम्र में मुंबई गए जहां उन्होंने व्यापार के सभी गुर सीखे और वहां से फिर सऊदी अरब चले गए। मेजर रफीक जब ईरान गए तो वहीं उन्होंने ईरानियन लड़की से शादी कर ली। उनके पिता अब्दुल हमीद एक गरीब मछुआरे थे और परिवार के लिए बड़ी मुश्किल से दो वक्त की रोटी का इंतजाम कर पाते थे।

बतौर एक आर्थिक राजनयिक रफीक ने ‘सरल कर’ व्यवस्था की सलाह देकर किर्गिस्तान में कई देशों से विदेशी निवेश आकर्षित करने में मुख्य भूमिका निभाई। कर व्यवस्था में सुधार से पहले तक विदेशी निवेशक इस देश से दूर थे। इसके बाद उन्हें दुबई के ‘फ्री जोन मॉडल’ के आधार पर कुछ परियोजनाओं को विकसित करने के लिए सऊदी अरब से न्योता मिला।

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