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फुरसत में: खामोश! ‘हवलदार’ से ‘डीजीपी’ तक बना हूं मैं, जानिए मेरे बारे में 14 खास बातें..

खामोश

साठ के दशक का आखिरी साल 1969 मनोज कुमार और आशा पारेख की सस्पेंस फिल्म ‘साजन’ के आखिरी हिस्से में एक खून की तफ्तीश के लिए पुलिस की एंट्री होती है। पुलिस इंस्पेक्टर बने राज मेहरा के जिम्मे है कातिल की तलाश करना। उनके साथ एक-दो पुलिसकर्मी और भी हैं। इन्हीं में से एक हवलदार तिवारी अपनी दमदार आवाज से ध्यान खींचता है। जानते हैं उस हवलदार का किरदार किसने निभाया था? नहीं याद आया। कोई बात नहीं हम बता देते हैं। हवलदार का वह छोटा सा रोल निभाया था शत्रुघ्न सिन्हा ने। बाद में शुत्रघ्न सिन्हा ने कई फिल्मों में पुलिस इंस्पेक्टर और सुपरिटेंडेट ऑफ पुलिस (SP) के किरदार भी निभाए। पंजाबी फिल्म ‘मेरा पंजाब’ में वह डीजीपी के रूप में पर्दे पर उतरे। आज हम आपको बता रहे हैं हिन्दी फिल्मों के इस प्रसिद्ध अभिनेता के बारे में कुछ रोचक बातें।





 हवलदार से पहले मिला पाकिस्तानी फौजी का रोल

 

शत्रुघ्न सिन्हा की पहली फिल्म देव आनंद की ‘प्रेम पुजारी’ थी। इस फिल्म में देव आनंद ने उन्हें पाकिस्तानी सैनिक का रोल ऑफर किया था। ‘प्रेम पुजारी’ को कंपलीट होने में वक्त लग गया और उससे पहले ‘साजन’ प्रदर्शित हो गई। मनोज कुमार और आशा पारेख की मुख्य भूमिकाओं वाली इस फिल्म में उनकी एंट्री आखिरी हिस्से में होती है वह भी एक कत्ल की तफ्तीश कर रहे पुलिस इंस्पेक्टर के असिस्टेंट के रूप में। इस फिल्म में शत्रुघ्न सिन्हा ने हवलदार तिवारी का छोटा सा रोल निभाया था।

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