Kargil Diary

#Kargildiary : खबर नहीं, वो खुद आया शहीद होकर

नायक रणवीर सिंह (फाइल फोटो)





तेरह जम्मू-कश्मीर राइफल्स की उस टुकड़ी की आतंकवादियों से मुठभेड़ हुई। कश्मीर घाटी के सोपोर इलाके में अप्रैल माह में हुई उस मुठभेड़ में नायक रणवीर सिंह मनहांस घायल हो गया। उसे गोली लगी थी। रणवीर को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अपने साथ बीती उस घटना की भनक भी रणवीर ने अपने परिवार वालों को नहीं लगने दी। उसे डर था कि गर्भवती पत्नी और बूढ़ी मां बेहद चिंतित हो उठेंगी। पर इस बार जो चोट रणवीर सिंह को लगी उसे वह परिवार की इन महिलाओं से न छिपा पाया और न ही उन्हें चिंतित होने से रोक सका। इस बार भी चोट लगने पर उसकी खबर नहीं पहुंची घर, रणवीर खुद आया था शहीद होकर।

गुरदासपुर के आलमा गांव के राजपूत परिवार का रणवीर सिंह 16 जून को करगिल की उस दुर्गम चोटी पर चढ़ाई  कर रहा था, जिसकी ऊंचाई 16 हजार फुट है। दो-दो सैनिकों की वो चार टोलियां थीं। उनका मिशन था पाकिस्तानी बंकरों को तबाह कर दुश्मन को वहां से खदेड़ना।

ये वही मजबूत बंकर थे जो कभी भारतीय सेना ने अपने लिए बनाए थे। रणवीर और उसके साथी एक जगह छिपकर  आगे बढ़ने की रणनीति तैयार कर रहे थे। रास्ते और आगे के हालात का जायजा लेने के लिए रणवीर ऊपर उठकर देख रहा था कि तभी दुश्मन की नजर उन पर पड़ गई। कई गोलियों की बौछार आई और रणवीर सिंह सहित तीन सैनिक बुरी तरह घायल हो गए। तीनों लहूलुहान सैनिकों ने वहीं प्राण त्याग दिए।

रणबीर सिंह के परिजन (फाइल फोटो)

रणबीर सिंह के परिजन (बाएं से) पत्नी व मां (फाइल फोटो)

इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि प्राण त्यागने से कुछ घंटे पहले ही रणवीर ने अपनी मां कौशल्या के नाम पत्र लिखा था, ‘अपना ख्याल रखना, मेरी परीक्षा की घड़ी है, बच्चों को प्यार देना और मेरी चिंता मत करना।’ परंतु इसी पत्र के साथ-साथ शहीद रणवीर का शव भी घर तक पहुंचा।

रणवीर का बड़ा भाई प्रभुदयाल बताता है कि सोपोर में जब रणवीर को गोली लगी थी तब जख्मी हालत में भी उसने एक बार घर फोन किया था पर बताया नहीं कि गोली लगी है। रणवीर की पत्नी सविता कुमारी ने बताया, उन्होंने 5 जून को फोन पर बात की थी, लेकिन यह नहीं बताया कि करगिल से बोल रहा हूं।’ फिर खुद वह कहती है, ‘शायद उन्होंने सोचा होगा कि घर वाले चिंता करेंगे।’

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