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जम्मू-कश्मीर: अमरनाथ का पहला जत्था सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के बीच हुआ रवाना

अमरनाथ यात्रा

श्रीनगर। कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच अमरनाथ यात्रा शुरू हो गई है। अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था बुधवार को कश्मीर के दो बेस कैंप- बालटाल और पहलगाम से रवाना हुआ । इस जत्थे में कुल 1904 श्रद्धालु हैं। आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम चुस्त-दुरुस्त किए जा चुके हैं।





अमरनाथ यात्रा से श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा तो जुड़ी ही है साथ-साथ आतंक को हर साल दिए जाने वाला करारा जवाब है। जम्मू-कश्मीर में इस साल रिकॉर्ड आतंकी हमले के बाद भी श्रद्धालुओं के हौसले इतने बुलंद है कि खतरे की परवाह किए बगैर यात्रा पर निकले। जम्मू बेस कैंप से अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे को जम्मू-कश्मीर के चीफ सेक्रेटरी बीवीआर सुब्रमण्यम, राज्यपाल के सलाहकार बीबी व्यास और विजय कुमार ने हरी झंडी दिखाई।

जम्मू-कश्मीर राज्यपाल के सलाहकार विजय कुमार ने कहा- अमरनाथ यात्रा काफी महत्वपूर्ण है। आम लोग, सभी सुरक्षा एजेंसियों और डेवलपमेंट एजेंसियों के सहयोग से हमने ये सारी तैयारियां की है और यात्रियों का ध्यान रखते हुए उसे बेहतर करने की कोशिशें की गईं हैं।

अधिकारियों के मुताबिक आतंकियों की हरकतों पर नजर रखने के लिए वायुसेना की मदद मांगी गई है। अमरनाथ यात्रा पहाड़ों से होकर गुजरती है और पहाड़ों पर हर तरफ सैनिक नहीं तैनात किए जा सकते। राष्ट्रीय राममार्ग पर भी अमरनाथ यात्रा के जत्थों की सुरक्षा के लिए वायुसेना के लड़ाकू हेलिकॉप्टर को तैनात किया गया है। बता दें कि श्रद्धालुओं की सरक्षा के लिए एक लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। ये करीब 60 दिनों तक लखनपुर से लेकर अमरनाथ गुफा तक तैनात रहेंगे।

सुरक्षा को लेकर सीआरपीएफ आईजी ने बताया कि सभी तरह की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हम नई तकनीक और गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही, पिछले साल की तुलना में इस बार इस काम में लोगों को भी बढ़ाया गया है।

अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना होने के वक्त श्रद्धालओं ने कहा कि वे काफी खुश हैं। उन्हें किसी बात का कोई डर नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिला है।

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