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घाटी में जैश-ए-मोहम्मद दोबारा अपना नेटवर्क बढ़ाने की फिराक में, एजेंसियों को मिले इनपुट

आतंकी तल्हा रशीद

श्रीनगर। इस साल जहां जम्मू-कश्मीर में पुलिस, पारा मिलिट्री और सेना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 200 से ज्यादा आतंकियों का खात्मा कर दिया है, वहीं सुरक्षा बलों ने आतंकियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को जारी रखने का संदेश देते हुए नई चुनौती से निपटने की भी तैयारी शुरू कर दी है। गत दिनों कुछ ऐसी घटनाएं घटी है, जिनसे संदेह गहराने लगे है। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि कश्मीर में स्थानीय आतंकी संगठनों के पैर उखड़ने के बाद पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद कश्मीर में दोबारा अपने नेटवर्क को बढ़ाने की कोशिशों में लगा हुआ है।





घाटी में जैश-ए-मोहम्मद ने पहले भी कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। इन्हीं खतरों के मद्देनजर घाटी में जैश की दोबारा एंट्री की चुनौती से निपटने की तैयारी की जा रही है। एक अखबार ने खबर प्रकाशित की है कि मंगलवार को आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी मीटिंग में इस मसले पर विस्तृत चर्चा होगी। मीटिंग में गृह मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी शामिल होंगे।

..तब सामने आया जैश का खतरनाक मंसूबा

आतंकी संगठन जैश के बारे में बताया जाता है कि हाल के वर्षों में घाटी में उतना सक्रिय नहीं रहा, पर इलाके में इस संगठन के पैर अब भी जमे हुए हैं और साथ-साथ लोकल नेटवर्क भी मौजूद है। इनकी दोबारा सक्रियता का पहला बड़ा संकेत और खतरनाक मंसूबा तब सामने आया जब जैश का मुखिया मसूद अजहर का भतीजा तल्हा रशीद कश्मीर में मारा गया। मतलब, आतंकियों का साथ देने वह घाटी आ चुका था। खूफिया सूत्रों के अनुसार, तल्हा रशीद को इसलिए भेजा गया था कि वह लोकल आतंकियों के मनोबल को फिर से उठा सके।

 

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