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ISRO ने फिर रचा इतिहास 31 उपग्रहों के साथ लांच किया 100वां सैटेलाईट

चेन्नई।  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने  एक महत्वाकांक्षी  योजना के तहत शुक्रवार को 31 कृत्रिम उपग्रहों को  एकसाथ स्पेस  में भेजकर फिर से इतिहास रच दिया है। इन सभी सैटेलाईट को पोलर सैटेलाइट लांच व्हीकल (पीएसएलवी) से लांच किया गया ।





इसरो के वरिष्ठ  अधिकारियों के मुताबिक इन 31 उपग्रहों में भारत का अर्थ आब्जर्वेशन सैटेलाइट कार्टोसैट-2 भी शामिल किया गया। चेन्नई से 110 किलोमीटर दूर स्थित श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से इस 100वें उपग्रह के साथ 30 अन्य उपग्रह भी अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किए गए। अपने इस 42वें मिशन के लिए इसरो ने भरोसेमंद कार्योपयोगी ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी40 को भेजा, जो कार्टोसेट-2 श्रृंखला के उपग्रह और 30 सह-यात्रियों (जिनका कुल वजन करीब 613 किलोग्राम है) को लेकर सुबह 9 बजकर 28 मिनट पर उड़ान भरी।

इसरो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने  कहा, अर्थ नैविगेशन के लिए प्रक्षेपित किया जा रहा 100वां सैटलाइट कार्टोसेट-2 सीरीज मिशन का प्राथमिक उपग्रह है। इसके साथ सह यात्री उपग्रह भी है, जिसमें 100 किलोग्राम के माइक्रो और 10 किलोग्राम के नैनो उपग्रह भी शामिल होंगे। कार्टोसेट-2 सीरीज के इस मिशन के सफल होने के बाद धरती की अच्छी गुणवत्ता वाली तस्वीरें मिलेंगी।।

प्रधानमंत्री ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो की टीम को  100वें उपग्रह के सफल प्रक्षेपण के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा, “आज पीएसएलवी के सफल प्रक्षेपण पर इसरो और उसके वैज्ञानिकों की मैं हृदय से प्रशंसा करता हूं। नए साल में यह सफलता हमारे नागरिकों, किसानों, मछुआरों आदि को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश की तेजी से बढ़ोतरी का लाभ पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि इसरो द्वारा 100 वीं उपग्रह का शुभारंभ अपनी शानदार उपलब्धियों और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के उज्ज्वल भविष्य को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत की सफलता के लाभ हमारे भागीदारों के लिए भी उपलब्ध हैं! आज प्रक्षेपित किए गए 31 उपग्रहों में से, 28 छह अन्य देशों से संबंधित थे।

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