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फुरसत में : रोमांटिक हीरो जो फौजी भी बना और पुलिस अफसर भी, 7 खास बातें

राजेश खन्ना का नाम लेते ही जेहन में ऐसे नायक की छवि कौंधती है जिसने फिल्मी परदे पर रोमांस की नई परिभाषा लिखी। वर्ष 1969 में ‘आराधना’ फिल्म से उन्होंने अपनी अदाओं का ऐसा जादू बिखेरा कि सिर्फ युवक और युवतियां ही नहीं बच्चे और बूढ़े तक उनके मुरीद हो गये। उन्होंने एक के बाद एक 15 सुपरहिट फिल्में क्या दीं कि समीक्षकों और फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों ने उन्हें हिन्दी सिनेमा का पहला सुपरस्टार घोषित कर दिया। चार दशक से ज्यादा के लंबे अभिनय जीवन में राजेश खन्ना ने यूं तो हर तरह की भूमिकाएं कीं लेकिन ज्यादातर फिल्मों में वे रोमांटिक अभिनेता के रूप में परदे पर आए। उनकी मौजूदगी सामाजिक फिल्मों की कामयाबी की गारंटी मानी जाती थी। यही वजह है कि उस दौर के निर्माता-निर्देशकों ने उन्हें संक्षिप्त लेकिन विशेष भूमिकाओं में सिर्फ इसलिए परदे पर उतारा कि उनके नाम के सहारे उनकी फिल्म हिट हो जाए। एक्शन फिल्में उन्होंने बेहद कम की। इसलिए परदे पर फौजी और पुलिस इंस्पेक्टर के रोल में वे बेहद कम नजर आए। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि अपनी पहली कामयाब फिल्म में वे वायुसेना के अधिकारी के रूप में नजर आए थे। फिल्म थी ‘आराधना’। आज हम आपको राजेश खन्ना की कुछ ऐसी फिल्म को बारे में बता रहे हैं जिनमें वह फौजी, पुलिस अधिकारी, वकील और जज के रोल में नजर आए।





‘आराधना’ फिल्म में बने थे वायुसेना के अधिकारी

फिल्म आराधना

राजेश खन्ना के अभिनय जीवन की शुरुआत वर्ष 1966 में फिल्म ‘आखिरी खत’ से हुई। अपने कथानक की वजह से इस फिल्म की बेहद तारीफ हुई लेकिन फिल्म के केन्द्र में राजेश खन्ना नहीं एक छोटा बच्चा था। यह फिल्म ऑस्कर के लिए भेजी गई थी। टिकट खिड़की पर फिल्म कुछ खास नहीं कर पाई। राजेश की अगली कुछ फिल्मे ‘राज’, ‘बहारों के सपने’, और ‘औरत’ भी फ्लॉप रही। इसके बाद आई ‘आराधना’। राजेश खन्ना की डबल रोल वाली इस फिल्म में वह वायुसेना के पायलट बने थे। फिल्म ने टिकट खिड़की पर धमाका कर दिया। इसके बाद तो एक के बाद एक राजेश खन्ना की 15 फिल्में सुपरहिट साबित हुईं।

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