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सेना को हर तरह से चुस्त-दुरुस्त बनाना चाहती हैं सीतारमण

दिनेश-तिवारी

दिनेश तिवारी (वरिष्ठ पत्रकार)

ऊर्जा, विश्वास और नई जिम्मेदारियों से लबरेज नई केन्द्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भारतीय सेना को नई ऊंचाइयों के साथ-साथ उसे हर तरह से सबल, समर्थ बनाने और लैंगिक समानता के आधार पर आगे बढ़ाने की स्पष्ट मानसिकता के साथ कार्य करती दिख रही हैं। विगत चंद दिनों की उनकी कार्यशैली इस बात का इजहार करती है कि बयानबाजी और विवादों से दूर रहने वाली सीतारमण समूचे सैन्य तंत्र की बेहतरी और देश की सुरक्षा के प्रति बेहद सजग हैं। रक्षा तैयारियों से जुड़े अहम मुद्दों पर रोजाना तीनों सेनाओं प्रमुखों तथा रक्षा सचिव के साथ बैठक की शुरुआत का सिलसिला यह जताता है कि वे मंत्रालय के कामकाज में तेजी लाना चाहती हैं ताकि सरहद से छावनी तक और आकाश से समुंदर तक सैनिकों को हर बात पर भरोसे का अहसास रहे।





खास बात यह है कि उन्होंने सेना में हथियारों की आपूर्ति, मेक इन इंडिया के तहत सभी आवश्यक साजो सामान, हथियारों का निर्माण, लड़ाकू विमानों की खरीद के साथ-साथ उसके आधुनिकीकरण के मसले पर ध्यान देना शुरू कर दिया है क्योंकि ये बुनियादी मुद्दे सैन्य तंत्र की रीढ़ हैं। आज पूरी दुनिया की निगाहें एशिया महाद्वीप के देश भारत पर इसलिए टिकी हुई हैं क्योंकि बढ़ती अर्थव्यवस्था, आकार और राजनीतिक स्थिति से वह महत्वपूर्ण है। इस बात का अहसास पाकिस्तान और चीन को भी है। लिहाजा नई चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत को सैन्य बल और भारी मात्रा में पर्याप्त साजो सामान से लैस होने की कहीं अधिक जरूरत है।

अलावा इसके देश की पहली पूर्णकालिक रक्षामंत्री की सेना में महिलाओं की भर्ती व उनकी भूमिका पर की गई पहल यह दर्शाती है कि वे महिला शक्ति की महत्ता को तो समझती ही हैं, सेना में महिलाओं की हर स्तर पर भर्ती कर लैंगिक समानता का लक्ष्य प्राप्त कर सरहद तथा समाज को बेहतर बनाना चाहती हैं। सेना में हाल ही में सैन्य पुलिस की भर्ती संबंधी योजना को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए। सेना में सैन्य पुलिस के रूप में महिलाओं की मौजूदगी घर-परिवार, गांव-शहर तक एक सकारात्मक सोच पैदा करेगी, जिसकी आज खास जरूरत है।

सेना को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त बनाने के साथ-साथ निर्मला सीतारमण का पूर्व सैनिकों और सीमा पर कठिन हालात में तैनात सैनिकों तथा उसके परिवार के कल्याण की चिंता उनके मानवीय चेहरे को बताता है। वैसे भी पूरा देश जल, थल और नभ की रखवाली करने वाले इन जांबाज सैनिकों को सम्मान के भाव से देखता है। नई रक्षा मंत्री से पूरी सेना के हर पहलू पर उनके मानवीय चेहरे के साथ विकास तथा बेहतरी की उम्मीद सैनिकों, परिजनों को लगभग रोज ही रहेगी। महिलाओं को भी।

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